(संशोधित) नशे के मुद्दे पर भाजपा का पंजाब की आआपा सरकार पर हमला, मुख्यमंत्री मान का मांगा इस्तीफा
(फोटो में बदलाव के साथ पुनः जारी)
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा की पंजाब प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य में नशे, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और आदर्श आचार संहिता लागू होने का इंतजार कर रही है।
ढिल्लों ने भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों और पैगंबरों की धरती रही है। हरित क्रांति की शुरुआत करने वाले इस राज्य का आज नशे की गिरफ्त में फंसना बेहद चिंताजनक है। भाजपा ने पंजाब के 117 विधानसभा क्षेत्रों में नशा विरोधी यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा को चार दिशाओं से शुरू किया गया और जालंधर में इसका समापन हुआ।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आम लोगों से संवाद किया और नशे से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को करीब से समझा। लोगों ने भाजपा के इस प्रयास की सराहना की और नशे के खिलाफ लड़ाई में पार्टी के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों की आपबीती इतनी दर्दनाक थी कि पत्रकार वार्ता में मौजूद अधिकारी भी भावुक हो गए।
पत्रकार वार्ता के दौरान ढिल्लों ने परविंदर सिंह जोट्टा की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बताया कि भाजपा ने पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।
ढिल्लों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कुछ पुलिसकर्मी ही नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। जब कानून लागू कराने वाली व्यवस्था से जुड़े लोगों पर ही ऐसे आरोप लगते हैं, तो इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है और आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है।
उन्होंने राज्य सरकार से नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और इस पूरे नेटवर्क पर सख्ती से लगाम लगाने की मांग की। ढिल्लों ने मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें या तो अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर आदर्श आचार संहिता लागू होने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग मौजूदा सरकार से नाराज हैं और आचार संहिता लागू होने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं को गांवों में प्रवेश नहीं करने देने की बात कह रहे हैं।
ढिल्लों ने कहा कि भाजपा नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और इस समस्या से प्रभावित लोगों तथा उनके परिवारों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशे की समस्या से बाहर निकालना और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। भाजपा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए नशे के कारोबार पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परविंदर सिंह जोट्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / पवन कुमार