भाजपा के नए प्रदेश प्रभारियों की पहली बैठक 29 सितंबर को, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर होगा मंथन

 


नई दिल्ली, 26 सितंबर (हि.स.)।

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पहली अहम बैठक 29 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। इसमें पार्टी की ओर से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हाल ही में नियुक्त किए गए सभी 36 प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भाजपा के संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा पार्टी के विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा होगी। नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को उनके संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्यक्रमों को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।

बैठक ऐसे समय हो रही है जब भाजपा ने हाल ही में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई जिम्मेदारियां तय की हैं। ऐसे में नए पदाधिकारियों की यह पहली सामूहिक बैठक उनके लिए पार्टी की आगामी रणनीति को समझने और अपने-अपने राज्यों के लिए प्राथमिकताएं तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक बैठक के एजेंडे में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है। संबंधित राज्यों में संगठन की स्थिति, बूथ स्तर तक पार्टी की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी तैयारियों को लेकर प्रभारियों से फीडबैक लिया जा सकता है।

प्रदेश प्रभारियों की भूमिका राज्यों में पार्टी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में चुनावी राज्यों में संगठन को सक्रिय करने, पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बैठक में भाजपा शासित राज्यों में पार्टी की सरकारों के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने तथा पार्टी के संगठनात्मक अभियानों को गति देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा, प्रदेश स्तर पर संगठन की मौजूदा स्थिति, सदस्यता और जनसंपर्क गतिविधियों तथा पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी प्रभारियों से जानकारी ली जा सकती है।

हाल में जिम्मेदारियां संभालने वाले प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी पहली बार एक साथ राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपने-अपने राज्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ऐसे में 29 सितंबर की बैठक को नई टीम के लिए पहले बड़े संगठनात्मक समन्वय मंच के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नए प्रभारियों को संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी राजनीतिक-संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर दिशा दे सकते हैं। इसके बाद राज्यों में नए प्रभारियों की सक्रियता बढ़ने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किए जाने की संभावना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय