कांग्रेस ने 90 बार चुनी हुई सरकारें बर्खास्त कीं, अब लोकतंत्र की दुहाई दे रही : जेपी नड्डा

 
















भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा

भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालकर राजनीतिक जवाबी अभियान तेज किया।

अटल पथ पर आयोजित सभा में केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस के लोकतांत्रिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया, वह आज किस मुंह से लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है? उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं उसके भुक्तभोगी रहे हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश में अस्थिरता का माहौल बनाना चाहते हैं और चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।

पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।

20-30 साल तक सत्ता में लौटने की उम्मीद छोड़ चुकी कांग्रेस : नड्डा

सभा में जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस समझ चुकी है कि आने वाले 20-30 वर्षों तक जनता उसे सत्ता में आने का अवसर देने वाली नहीं है। इसी राजनीतिक निराशा में पार्टी चुनावी पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को ‘हिट एंड रन’ बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में वोट चोरी के आरोप लगाए गए, मगर जब चुनाव आयोग ने हलफनामे के साथ प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा तो कांग्रेस पीछे हट गई।

नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव हारने और जीतने की प्रक्रिया स्वाभाविक है। राजनीतिक दलों को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने के बजाय अपनी संगठनात्मक कमजोरियों और जनता से जुड़ाव का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा करके लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास का वातावरण बना रही है।

ईवीएम हैक करने की चुनौती पर आगे क्यों नहीं आई कांग्रेस?

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी, मगर कांग्रेस का कोई नेता इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए सामने नहीं आया। राहुल गांधी को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम और बैलेट पेपर पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।

नड्डा ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का लोकतंत्र संबंधी इतिहास उसके वर्तमान राजनीतिक आरोपों से मेल नहीं खाता। आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए थे। ऐसे इतिहास वाली पार्टी का आज लोकतंत्र की रक्षा का दावा करना अपने आप में विचारणीय है।

सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी : मोहन यादव

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने और चुनाव आयोग को अपनी जेब की पुड़िया समझने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब न्यायालय ने कांग्रेस के विरुद्ध फैसला सुनाया, पार्टी ने न्यायाधीशों और न्यायालय की गरिमा पर सवाल उठाए। आपातकाल इसका उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। किसी फैसले से असहमति जताने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, मगर संस्थाओं की विश्वसनीयता को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक गतिविधियों और बयानों में संवैधानिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।

खंडेलवाल बोले, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के पक्ष में खड़ी है जनता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों से विमुख होकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और राजनीतिक भ्रम फैलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संवाद के अनुकूल नहीं है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और इसे कमजोर करने वाले प्रयासों का जवाब जनजागरण तथा जनभागीदारी के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

पदयात्रा और सभा में संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, राष्ट्रीय प्रकोष्ठ संकुल संयोजक एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा, कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा, विश्वास सारंग, चैतन्य काश्यप, कृष्णा गौर, नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, सांसद आलोक शर्मा और दर्शन चौधरी, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी तथा महापौर मालती राय सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी