वंदे मातरम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीकः ओम बिरला
नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
बिरला ने यह बात सोमवार शाम को लाल किला परिसर में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव 'भारत पर्व-2026' के उद्घाटन के अवसर पर कही।
बिरला ने भारत पर्व को भारत की बहुआयामी आत्मा का उत्सव बताते हुए कहा, इस वर्ष का उत्सव ऐतिहासिक है क्योंकि देश हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वां गौरवशाली वर्ष मना रहा है। यह गीत न केवल हमारी आजादी की लड़ाई का मंत्र था, बल्कि आज भी यह राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
लोकसभा अध्यक्ष ने इस महोत्सव को उन कलाकारों, शिल्पकारों और किसानों को समर्पित किया जो भारत की सदियों पुरानी विरासत और लोक परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां दिखने वाली विविधता केवल दृश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीयता के गहरे सार को प्रदर्शित करती है जहां परंपरा और आधुनिक तकनीक एक साथ मिलकर विकसित भारत की नींव रख रहे हैं।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह महोत्सव सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही परंपरा को आधुनिक आकांक्षाओं से जोड़ता है।
उल्लेखनीय है कि भारत पर्व अपनी भव्यता और विविधता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इनमें गणतंत्र दिवस परेड की 41 भव्य झांकियों का प्रदर्शन, राज्यों, संगीत नाटक अकादमी और प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा 48 सांस्कृतिक कार्यक्रम, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों द्वारा 22 जादुई प्रस्तुतियां, देशभर से आए कारीगरों के 102 स्टॉल (हथकरघा और हस्तशिल्प), फूड कोर्ट में भारत के विभिन्न राज्यों के लजीज व्यंजनों वाले 60 स्टॉल और 34 राज्य पर्यटन मंडप और 24 केंद्रीय मंत्रालयों के स्टॉल लगाए गए हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने इस आयोजन को 'जनभागीदारी' की भावना से जोड़ते हुए आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा है। दर्शक 27-31 जनवरी तक दोपहर 12 से रात 09 बजे तक इस को देखने जा सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी