बिहार के मधेपुरा स्थित सिंहेश्वर धाम में जलाभिषेक के दौरान छह श्रद्धालु घायल

 


पटना, 24 अगस्त (हि.स.)। बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम मंदिर में सावन की आखिरी सोमवारी पर सोमवार सुबह भारी भीड़ के कारण अचानक अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 6:25 से 7 बजे के बीच जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ मंदिर परिसर में पहुंच गए। भीड़ में कई श्रद्धालु दब गए, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। हादसे में 6 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

घटना की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला। भीड़ में फंसे श्रद्धालुओं को तत्काल बाहर निकाला गया और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की थी, लेकिन उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में लोग एक साथ मंदिर परिसर में प्रवेश कर गए। अत्यधिक और अनियंत्रित भीड़ के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।

सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल किसी गंभीर खतरे की सूचना नहीं है।

सावन महीने की अंतिम सोमवारी को लेकर बिहार के तमाम शिवालयों में अलसुबह से ही जलाभिषेक किया जा रहा है। इस खास अवसर पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध गरीबनाथ धाम, लखीसराय के अशोक धाम और मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम में बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

इससे पहले 17 अगस्त को लखीसराय के अशोक धाम में भगदड़ के दौरान 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद प्रशासन ने प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। अशोक धाम में इस बार श्रद्धालुओं के लिए अरघा सिस्टम लागू किया गया। सुबह 3 से 5 बजे तक बड़ी संख्या में भक्तों ने इस व्यवस्था के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से जलाभिषेक किया। भीड़ कम होने के बाद स्थिति सामान्य रही।

प्रशासनिक अधिकारियों ने पिछले कई दिनों से मंदिर और आसपास के इलाकों में भीड़ प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी की। बाहर से आने वाले कांवरिया श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए।

वहीं, मुजफ्फरपुर में सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु सारण के पहलेजा घाट से करीब 72 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचे।

मंदिर के पुजारी अभिषेक पाठक के मुताबिक, रविवार दोपहर तक करीब डेढ़ लाख कांवड़ियों ने बाबा का जलाभिषेक किया. सुबह 6 बजे से स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए भी जलाभिषेक शुरू हो गया, जो शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। रात 2 बजे के बाद कांवड़ियों के लिए अर्घा व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद श्रद्धालु सीधे बाबा गरीबनाथ पर जलाभिषेक कर सकेंगे। रक्षाबंधन के अवसर पर हर वर्ष बाबा गरीबनाथ का बाबा अमरनाथ के स्वरूप में बर्फ से विशेष महाशृंगार किया जाता है। इस वर्ष भी शाम 3 बजे से बाबा का अमरनाथ स्वरूप में विशेष महाशृंगार किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी