भुवनेश्वर में मंगलवार से जनजातीय अनुसंधान संस्थानों पर होगी दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। जनजातीय कार्य मंत्रालय 07 और 08 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) को सशक्त बनाने पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। कार्यशाला का उद्देश्य देशभर के टीआरआई की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और उन्हें ज्ञान, अनुसंधान तथा नीति निर्माण के सशक्त केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप तैयार करना है।
कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम करेंगे।
मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि इस कार्यशाला में ‘ट्राईबेक्स’ नामक डिजिटल लर्निं ग प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया जाएगा, जो जनजातीय कला, संस्कृति, भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं प्रसार में सहायक होगा।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों, सरकारी विभागों, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और विकास साझेदारों के करीब 200 प्रतिनिधि भाग लेंगे। दो दिनों तक अनुसंधान, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जीआईएस, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और जनजातीय विकास से जुड़े विषयों पर मंथन होगा। कार्यशाला के समापन पर भुवनेश्वर घोषणा को अपनाते हुए जनजातीय अनुसंधान संस्थानों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी