भूदान यज्ञ के 75 वर्ष पूरे, पवनार से पोचमपल्ली की पदयात्रा पर निकले रमेश भैया चित्रकूट पहुंचे

 


- मंदाकनी नदी के तट पर संत विनोबा के अनुयायियों से चर्चा की, संत विनोबा भावे को याद किया

चित्रकूट (उत्तर प्रदेश), 23 मार्च (हि.स.)। संत विनोबा भावे की भूदान यज्ञ पदयात्रा के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को पवनार (वर्धा) स्थित संत विनोबा भावे के आश्रम ब्रह्म विद्या मंदिर से तेलंगाना के पोचमपल्ली तक शुरू होने पदयात्रा में शामिल होने के लिए लोग निकल पड़े हैं। इस यात्रा के सहयात्री विनोबा सेवा आश्रम शाहजहांपुर के लोक सेवक रमेश भैया और विमला बहन आज प्रातः सात बजे चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने मंदाकनी नदी के तट पर स्थित रामघाट में संत विनोबा के अनुयायियों से चर्चा की। सर्वोदय सेवा आश्रम ने जल प्रहरियों ने उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर रमेश भैया ने कहा कि पोचमपल्ली वह गांव है, जहां संत विनोबा भावे को अहिंसा देवी के दर्शन हुए थे। वहां के बड़े जमींदार ने संत विनोबा की प्रार्थना को सुनकर अपनी जमीन का बड़ा भू-भाग दान दे दिया था। इस बाद विनोबा भावे ने भूदान यज्ञ शुरू किया। देशभर में पदयात्रा की। गांव-गांव जमीन का दान मांगा और करीब 13 साल अनवरत ही पैदल चलते रहे। इसी दौरान संत विनोबा भावे चित्रकूट आए थे।

उन्होंने इसीलिए अपने गंतव्य का आरंभ स्थल चित्रकूट को चुना। जून 1952 में संत विनोबा की भूदान पदयात्रा का अर्ध पड़ाव बेड़ी पुलिया के सर्वोदय सेवा आश्रम में हुआ था। रमेश भैया ने कहा कि यह भूमि विनोबा के अनुयायियों के लिए तीर्थस्थल समान है। उन्होंने एक प्रसंग याद करते हुए कहा कि बेड़ी पुलिया में किसी ने संत विनोबा से पूछा था कि आपकी पदयात्रा कब तक चलेगी। विनोबा जी ने कहा था -राम काज कीन्हे बिना मोहि कहां विश्राम। उन्होंने कहा कि हमारा मंत्र जय जगत है। लक्ष्य विश्व शांति और तंत्र है ग्राम स्वराज।

इस अवसर पर सर्वोदय सेवा आश्रम चित्रकूट के लोक सेवक अभिमन्यु भाई ने कहा कि आज देश के अंदर भूमि समस्या नए तरीके से दिख रही है। आज फिर संत विनोबा भावे की जरूरत है। आज के जमींदार 1952 के खेतों के मालिकों जैसे नहीं हैं। वह छोटे और मझोले किसानों की जमीनें धीरे-धीरे कब्जा रहे हैं। छोटे कास्त के लोग बड़े धन के लालच में अपनी जमीन बेचकर भूमिहीन हो रहे हैं। अभिमन्यु भाई ने कहा कि मंदाकिनी नदी की सहायक सरयू नदी और पयस्वनी नदी की हत्या चित्रकूट में हो गई। नदियों तथा जंगल के साथ हिंसा लगातार बढ़ रही है। इस वजह से सबसे अधिक कमजोर वर्ग के परिवारों को स्वच्छ जल नहीं मिल रहा। नदियां नगर पालिका के सीवर को ढो रही है। जल के बिना सामाजिक अशांति है।

रामघाट पर विनोबा सेवा आश्रम शाहजहांपुर के लोकसेवक रमेश भैया और विमला बहन का स्वागत सर्वोदय सेवा आश्रम चित्रकूट के अभिमन्यु भाई, मनोहर वर्मा, हीरा भाई ,लवकुश भाई, मुन्ना भाई, सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दयाल पयासी , व्यवसायी अरुण कुमार गुप्ता उर्फ मुन्ना, पूर्व सभासद पूरन तिवारी ने आदि ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद