लाल किले में गूजेंगी पंजाबी नृत्य और भजनों की धुन
नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स.)। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में लाल किले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम 'भारत पर्व' के समापन समारोह के दौरान पंजाब के 12 छात्रों का एक समूह विशिष्ट वाद्य यंत्रों के साथ भजनों की प्रस्तुति देगा और कलंदरी धमाल नृत्य भी किया जाएगा। इसका समापन 31 जनवरी (शनिवार) को किया जाएगा।
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार इस पर्व के समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। इस दिन सिंध और पंजाब का पारंपरिक सूफी लोक नृत्य, कलंदरी धमाल नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। कलंदरी नृत्य सेहवान शरीफ स्थित लाल शाहबाज कलंदर के मकबरे से जुड़ा हुआ है। यह ईश्वर और सूफी संतों के प्रति प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है।
इस प्रस्तुति में कई वाद्ययंत्रों के साथ तालबद्ध तालियां और दमदम मस्त कलंदर जैसे भजन गाए जाएंगे, जिस पर नर्तक भारी घुंघरू पहनकर पारंपरिक नृत्य करेंगे। पंजाबी लोक ऑर्केस्ट्रा और कलंदरी धमाल की संयुक्त प्रस्तुतियां दर्शकों को पंजाब की जीवंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की अनुभूति कराएंगी। यह पहल न केवल पंजाबी लोक संगीत के संरक्षण में योगदान देती है, बल्कि छात्रों को समूह प्रदर्शन और लोक संगीत रचना तकनीकों का मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी