पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का निधन

 




जालंधर, 10 सितंबर (हि.स.)। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने 93 साल की उम्र में जालंधर के बस्ती इलाके में स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार शाम करीब 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। भाजपा नेता शीतल अंगुराल सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।

भगत चुन्नी पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत के पिता थे। भगत चुन्नी लाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में हुआ था, जो वर्तमान में पाकिस्तान में है। भगत चुन्नी लाल की पत्नी शीला देवी का पहले ही निधन हो चुका है। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर आकर बस गया था। राजनीति में आने से पहले वह स्पोर्ट्स गुड्स के कारोबार से जुड़े थे और खेलों का सामान विदेशों में भेजने का व्यवसाय करते थे। उनके परिवार में चार बेटे और चार बेटियां हैं।

भगत चुन्नी लाल ने वर्ष 1985 में अपनी चुनावी राजनीति की शुरुआत की थी। उन्होंने जालंधर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े। वर्ष 1997 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर जालंधर दक्षिण से चुनाव जीता और पहली बार पंजाब विधानसभा पहुंचे।

वर्ष 2007 में भगत चुन्नी लाल ने इसी विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जीत दर्ज की। इसके बाद विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के कारण जालंधर दक्षिण क्षेत्र का स्वरूप बदल गया और जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जालंधर पश्चिम से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह तीसरी बार विधानसभा के सदस्य बने।

अपने राजनीतिक जीवन में भगत चुन्नी लाल ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2011 में तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद उन्हें पंजाब विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया। इसके बाद वर्ष 2012 से 2017 तक प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली-भाजपा सरकार में वह कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उनके पास स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव जैसे विभागों की जिम्मेदारी रही।

भगत चुन्नी लाल वर्ष 2012 से 2017 तक पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता भी रहे। जालंधर पश्चिम की राजनीति में उनका लंबे समय तक खास प्रभाव रहा और उन्हें क्षेत्र के प्रमुख भाजपा नेताओं में गिना जाता था। करीब तीन दशक तक सक्रिय राजनीति में रहने के बाद उन्होंने वर्ष 2017 में चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का फैसला किया और उस साल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH