दिल्ली सरकार ने विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को आयुष्मान योजना से जोड़ा

 


नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली सरकार से पेंशन प्राप्त करने वाली विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। अब इनका परिवार भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठा सकेगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह निर्णय लाखों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सीधा बदलाव लाने वाला साबित होगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि विधवा पेंशन की करीब 3 लाख 96 हजार 615 लाभार्थी महिलाओं और दिव्यांग पेंशन के लगभग 1 लाख 31 हजार 515 लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि दिल्ली का कोई भी गरीब, कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है और दिल्ली सरकार ने इसे और अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निर्णय के बाद लगभग 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत छतरी के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार पहले से योजना का लाभ ले रहे अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता (पीआरएस) श्रेणी के परिवारों, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर्स के अतिरिक्त होंगे। इस प्रकार दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य साफ है कि कोई भी पात्र नागरिक गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक दिल्ली में 7 लाख 23 हजार 707 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 2 लाख 74 हजार 620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं। राजधानी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 208 अस्पतालों का व्यापक नेटवर्क सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) दिल्ली के माध्यम से अब तक 29,120 से अधिक लाभार्थी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपचार प्राप्त कर चुके हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव