केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों के काफिले पर समर्थकों का हमला, तोड़फोड़

 






तिरुवनंतपुरम, 27 मई (हि.स.)। कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल)-एक्सालॉजिक वित्तीय लेनदेन और धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद बुधवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में जबरदस्त राजनीतिक तनाव और हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास पर कई घंटों तक चली तलाशी के बाद जब ईडी अधिकारियों की टीम परिसर से बाहर निकली, तब वहां मौजूद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) कार्यकर्ताओं की भीड़ उग्र हो गई और अधिकारियों के काफिले पर हमला कर दिया। केरल पुलिस ने लगभग 100 पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तलाशी अभियान खत्म होने के बाद जैसे ही ईडी अधिकारी सरकारी वाहनों की ओर बढ़े, प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तनावपूर्ण माहौल के बीच भीड़ ने आक्रामक रूप धारण कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने ईडी अधिकारियों को ले जा रही गाड़ियों पर पत्थर और लाठियों से हमला बोल दिया। इससे गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।

घटनास्थल पर मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और केरल पुलिस के जवानों को हालात संभालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने ईडी अधिकारियों को सुरक्षा घेरे में लेकर बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन उग्र भीड़ लगातार काफिले को रोकने की कोशिश करती रही। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख स्थानीय पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया और ईडी अधिकारियों के वाहनों को सुरक्षित रवाना कराया गया।

दरअसल, ईडी की यह कार्रवाई आज सुबह तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित पिनाराई विजयन के किराए के आवास पर शुरू हुई। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया था, जबकि ईडी अधिकारी अंदर दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की गहन जांच कर रहे थे। तलाशी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में सीपीआई-एम कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर पहुंचने लगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता वी. शिवनकुट्टी और कडकमपल्ली सुरेंद्रन भी घटनास्थल पर पहुंचे और ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

घंटों चली तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों ने कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और हाथ से लिखी डायरी के कुछ पन्ने जब्त किए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एजेंसी इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सीएमआरएल और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए वित्तीय लेनदेन में कहीं मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध भुगतान के संकेत तो नहीं हैं।

गौरतलब है कि यह पूरी कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज किए जाने के बाद हुई, जिसमें ईडी की जांच और समन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत के फैसले के एक दिन बाद ही ईडी ने पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना विजयन, दामाद एवं पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी।

घटना के बाद सीपीआई-एम नेताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को राजनीतिक रूप से परेशान करने और बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि “यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और पिनाराई विजयन को निशाना बनाने की साजिश है।”

वहीं, भाजपा नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियां कानून के तहत अपना काम कर रही हैं और भ्रष्टाचार या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने ईडी अधिकारियों के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच केंद्रीय अधिकारियों के वाहनों पर हमले के बाद केरल पुलिस ने लगभग 100 पहचाने गए सीपीआई-एम कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस वीडियो फुटेज, मीडिया रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी हुई है। कई संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

घटना के बाद राजधानी तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह