अटल पेंशन योजना से नौ करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े

 

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना ‘अटल पेंशन योजना’ (एपीवाई) से जुड़ने वालों की संख्या 21 अप्रैल तक नौ करोड़ के पार पहुंच गई है। यह योजना पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा चलाई जाती है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 1.35 करोड़ से ज्यादा नए लोगों ने इस योजना में नामांकन कराया, जो अब तक एक साल में सबसे ज्यादा है।

यह योजना 9 मई 2015 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीब और वंचित वर्ग को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देना है। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है।

इस योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक पेंशन मिलती है। अगर योजना में शामिल व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को पेंशन मिलती रहती है। दोनों के निधन के बाद जमा पैसा परिवार के नामित सदस्य को दिया जाता है।

यह योजना 18 से 40 साल के उन भारतीय नागरिकों के लिए है, जो आयकर नहीं देते। सरकार और विभिन्न संस्थानों के प्रयास से यह योजना लगातार लोगों तक पहुंच रही है।

इस योजना की सफलता में बैंकों, डाक विभाग और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ-साथ केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों का अहम योगदान रहा है। पीएफआरडीए ने जागरूकता अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बहुभाषी प्रचार सामग्री के माध्यम से देशभर में योजना का विस्तार सुनिश्चित किया है।

“एपीवाई का साथ है तो जीवन का सुरक्षा कवच साथ है” के संदेश के साथ यह योजना सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार