(राउंडअप) असम पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली आवास की तलाशी ली
नई दिल्ली/गुवाहाटी, 07 अप्रैल (हि.स.)। असम पुलिस की टीम मंगलवार को कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची। दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में असम पुलिस ने खेड़ा के घर पर छानबीन की। इस दौरान खेड़ा घर में मौजूद नहीं थे।
असम पुलिस के अपर पुलिस आयुक्त देबोजीत नाथ के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की ओर से पवन खेड़ा के खिलाफ गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गयी प्राथमिकी के सिलसिले में पूछताछ के लिए हम यहां आए। हमें इस केस के सिलसिले में पवन खेड़ा की तलाश थी, लेकिन वह नहीं मिले और उनके घर की तलाशी ली गई। हमें कुछ आपत्तिजनक सामान मिला है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त कर लिए गए हैं। वह कहां हैं, यह अभी पता नहीं है, लेकिन उन्हें ढूंढ लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस की टीम पवन खेड़ा के निजामुद्दीन पूर्व स्थित आवास पर पूर्वाह्न 11 बजे पहुंची थी और दोपहर 01 बजे के बाद यहां से लौट गयी।
सूत्रों के मुताबिक असम पुलिस के यहां पहुंचने से पहले ही पवन खेड़ा दिल्ली से हैदराबाद के लिए रवाना हो चुके थे। हालांकि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट नहीं हो सका।
उधर, मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने असम के जोरहाट में पत्रकारों से कहा कि पुलिस 'पाताल' से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये डॉक्यूमेंट्स दिए हैं। इसलिए यह केस राहुल गांधी तक जाएगा।
उल्लेखनीय है कि खेड़ा ने हाल ही में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री डॉ. सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका एवं संयुक्त अरब अमीरात में अघोषित संपत्तियां हैं, जिसकी जानकारी डॉ. सरमा ने चुनाव आयोग को नहीं दी है। खेड़ा के इस आरोप पर रिनिकि भुइंया ने उनके विरुद्ध गुवाहाटी में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।
वहीं, कांग्रेस ने खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की छापेमारी का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक प्रताड़ना बताया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुवाहाटी में पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। खेड़ा पर लगाए गए आरोपों की जांच सरकार को करानी चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि आरोप सही हैं या गलत। एफआईआर दर्ज कर लें, इससे कोई डरता नहीं है। हम मुकाबला करेंगे। सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां हमें लगातार तंग करती रही हैं। जो लोग जेल गए, बाद में भाजपा में शामिल होकर साफ हो गए। इस मामले में भी हम लड़ेंगे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि पवन खेड़ा को जनहित में सवाल पूछने के कारण गिरफ्तार करने की कोशिश यह साबित करती है कि असम के मुख्यमंत्री विचलित और घबराए हुए हैं। उन्होंने इसे विधिसम्मत प्रक्रिया नहीं बल्कि विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं और इसी कारण बौखलाए हुए हैं। पवन खेड़ा ने साक्ष्यों के साथ सवाल पूछे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जवाब देने के बजाय धमकियां दे रहे हैं और पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। जनता आगामी 9 अप्रैल को इसका जवाब देगी। ------------
हिन्दुस्थान समाचार