असम में बाढ़ से 10 जिलों की 126431 आबादी प्रभावित, 1 और शव मिला
गुवाहाटी, 11 अगस्त (हि.स.)। असम में अब भी बाढ़ से 10 जिलों की 126431 आबादी प्रभावित है। इस दौरान एक और शव मिला है। बाढ़ में सब कुछ गंवाने वाले लोग नये सिरे से अपने आशियाना बसाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। संपत्ति एवं आधारभूत ढांचे के नुकसान का आकलन शुरू हो चुका है। गैर सरकारी संगठन और आम नागरिक प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सामग्री मुहैया करा रहे हैं। जो लोग आर्थिक रूप से मदद तो नहीं कर सकते वो श्रमदान के जरिए इस आपदा से निपटने में अपना योगदान दे रहे हैं। ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट जिलों में लोगों का सामान्य जीवन अभी भी बुरी तरह से प्रभावित है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 10 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार धनसिरि नदी (नुमलीगढ़ और गोलाघाट) तथा कुसियारा नदी (श्रीभूमि) इलाके में खतरे के निशान से अभी भी ऊपर बह रही है। इस बीच सोमवार को शिवसागर जिले में 1 और शव बरामद हुआ है। इस तरह बाढ़ से राज्य में मृतकों की कुल संख्या 102 पहुंच गई है।
वर्तमान में बाढ़ की स्थिति कुल 10 जिलों में बनी हुई है। प्रभावित जिलों में नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दरंग, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, कछार, चराईदेव एवं जोरहाट शामिल हैं। बाढ़ से 10 जिलों के 25 राजस्व मंडलों के कुल 458 गांव प्रभावित हैं। वर्तमान समय में राज्य की कुल 126431 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 11287.04 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
बाढ़ में राहत एवं बचाव अभियान में एसडीआरएफ, सेना/अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, एयर फोर्स, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में शनिवार को राज्य सरकार ने कुल 58 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 4 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। इस बीच नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित 40 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर से चावल (क्विंटल में): 260.364, दाल (क्विंटल में): 46.548, नमक (क्विंटल में): 13.9728, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में): 725.27 के साथ पशुओं का चारा- गेंहूं का चोकर (क्विंटल में): 1396.07 राहत सामग्री बांटी गई। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय