असम में खड़गे ने जारी किए पांच चुनावी गारंटी, भाजपा पर तीखा हमला
लखीमपुर (असम), 29 मार्च (हि.स.)। असम में चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने अपने अभियान को तेज करते हुए नाओबोइचा के खारकाटी (रंगनदी पुल के पास) में एक विशाल जनसभा आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधानसभा चुनाव के लिए पांच प्रमुख गारंटी की घोषणा की और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस हर महिला को व्यवसाय के लिए बिना शर्त 50 हजार की आर्थिक सहायता देगी, प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा, 10 लाख स्वदेशी लोगों को भूमि पट्टा दिया जाएगा, गायक जुबीन गर्ग से जुड़े मामले में 100 दिनों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और वरिष्ठ नागरिकों को 1,250 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह घोषणा पत्र जनता से व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2021 का चुनाव सर्बानंद सोनोवाल के नाम पर लड़ा गया, लेकिन बाद में उनसे मुख्यमंत्री पद छीन लिया गया।
हमला करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश और असम में “अली बाबा और चालीस चोर” की सरकार चल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डाॅ. हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस में आगे बढ़ने के बाद अपने नेताओं, विशेषकर तरुण गोगोई के साथ विश्वासघात किया।
उन्हाेंने मतदाताओं से अपील की कि वे विभाजनकारी राजनीति को नकारें और कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर गौरव गोगोई के नेतृत्व में नई सरकार बनाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अन्य राज्यों में अपनी गारंटियों को सफलतापूर्वक लागू किया है।
इस दाैरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस चुनाव को “असम को बचाने की लड़ाई” बताया और भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, भूमि घोटाले और कुशासन के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद रैली में भारी भीड़ उमड़ी, जो कांग्रेस के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाती है।
सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने तरुण गोगोई और सर्बानंद सोनोवाल दोनों के साथ विश्वासघात किया है। एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को लेकर उन्हाेंने भाजपा पर निशाना साधते हुए दोनों दलों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया।
असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने भी रैली को संबोधित करते हुए राज्य में बदलाव की लहर का दावा किया और कहा कि जनता पिछले 10 वर्षों के “धोखे” के लिए भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है।
कांग्रेस चुनाव पर्यवेक्षक बंटू तिर्की और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की अपील की।
रैली में विभिन्न जिलों से हजारों समर्थकों ने भाग लिया, जिससे चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस के बढ़ते जनसमर्थन का प्रदर्शन देखने को मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश