एआई सेक्टर में जॉब ग्रोथ रेट 33 फीसदी, इसकी पांचों लेयर में आ रहा बड़ा निवेशः अश्विनी वैवैष्णव

 


नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के सभी पांच एआई लेयर्स में बड़े निवेश आ रहे हैं। इस वर्ष ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट भारत में आयोजित होगा, जो पहले ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में हो चुका है। मोदी सरकार ने भारत को दुनिया भर में एक बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाया है।

वैष्णव ने मंगलवार को जयपुर में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ग्लोबल समिट की तैयारियों के तहत जी20 की तर्ज पर देश के सभी राज्यों में रीजनल एआई समिट आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में मेघालय और ओडिशा में ऐसे समिट सफलतापूर्वक हुए और आज राजस्थान में यह रीजनल समिट संपन्न हो रहा है। इस दौरान राजस्थान की एआई पॉलिसी का शुभारंभ किया गया साथ ही युवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए एक नए स्किलिंग प्रोग्राम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छोटे उद्यमियों को एआई स्किल्स प्रदान करना है ताकि वे अपनी जिंदगी में, खासकर लघु उद्योगों में, एआई का उपयोग कर प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकें और लाभ उठा सकें। इसी क्रम में 10 लाख युवाओं और छोटे उद्यमियों को एआई स्किल्स देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले एक साल में हासिल कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तकनीक को सभी तक पहुंचाने के संकल्प के तहत एआई मिशन में 38 हजार एआई जीपीयू यानी एआई कंप्यूटर्स उपलब्ध कराए गए हैं। इससे देश में बहुत कम कीमत पर सभी को एआई सुविधाएं मिल रही हैं। भारत में एआई क्षेत्र में लगभग 70 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है, जो एक बहुत बड़ा निवेश है। इस मिशन में कई नए प्रयोग, नए एप्लिकेशन और नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।

वैष्णव ने एआई के आर्किटेक्चर की पांच लेयर्स का जिक्र करते हुए बताया कि सबसे ऊपर एप्लिकेशन लेयर है। इस लेयर के लिए देश की सभी आईटी कंपनियों को जोड़कर एआई के उपयोग और एप्लिकेशंस विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे इंडस्ट्री में एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा और इसमें काफी सफलता मिली है। एआई क्षेत्र में नौकरियों की ग्रोथ रेट 33 प्रतिशत है। दूसरी लेयर मॉडल्स की है। इस लेयर में दुनिया भर के 10 लाख से ज्यादा ओपन सोर्स मॉडल्स का उपयोग कर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर काम हो रहा है। तीसरी लेयर सेमीकंडक्टर चिप्स की है, जिसमें तेज प्रगति हो रही है। चौथी लेयर डेटा सेंटरों की है, जहां 70 बिलियन डॉलर का निवेश आ रहा है। आने वाला युग एआई का है और इसमें एनर्जी की बड़ी भूमिका होगी, इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा लाए गए शांति बिल से परमाणु ऊर्जा को खोलकर इसे एआई का बड़ा स्रोत बनाया जा रहा है। इन सभी पांच लेयर्स में बड़े निवेश के साथ भारत एआई के क्षेत्र में मजबूत स्थिति बना रहा है।

उल्लेखनीय है कि वैश्विक एआई इम्पैक्ट समिट 19 एवं 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य केंद्र प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम होगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन करेंगे। समिट की गतिविधियां पूरे दिल्ली में फैली होंगी, जिसमें द्विपक्षीय बैठकें हैदराबाद हाउस और सुषमा स्वराज भवन में, अन्य आयोजन विज्ञान भवन, अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर और प्रमुख पांच सितारा होटलों में होंगे। सार्वजनिक गतिविधियां और प्रदर्शनियां कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क तथा दिल्ली हाट में आयोजित की जाएंगी। विदेशी मेहमान राजघाट, कुतुब मीनार, लाल किला, हुमायूं का मकबरा और महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क का दौरा भी करेंगे। यह समिट भारत की एआई नेतृत्व क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर