आशा भोसले के निधन को दिल्ली विस अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने शोक जताया

 


नई दिल्ली, 12 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्रियों ने विख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन को भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। आशा भोसले का आज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने शोक संदेश में कहा कि आशा भोसले ने अपने गौरवशाली संगीत जीवन में 12,000 से अधिक गीतों को मधुर आवाज दी। उनके गीत न केवल भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनकी सुरीली और बहुआयामी आवाज ने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया और देश की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि संगीत का वह स्वर्णिम स्वर आज मौन हो गया, जिसने पीढ़ियों को जोड़ा और हर भावना को सुरों में ढाल दिया। आशा ताई की आवाज में जैसे जिंदगी मुस्कुराती थी, हर गीत में एक कहानी थी, जो समय से आगे निकल जाती थी। उन्होंने कहा कि उनका जाना एक स्वर्णिम युग के विराम जैसा है, लेकिन उनकी साधना आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आशा भोसले की मधुर आवाज और अद्वितीय गायन शैली ने दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई। उनका योगदान सदैव अमर रहेगा और वे अपनी कला के माध्यम से हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगी।

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि भारतीय संगीत जगत की महान विभूति, मधुर स्वर और अनुपम गायकी से करोड़ों हृदयों को स्पर्श करने वाली आशा भोसले का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनका निधन एक युग का अंत है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सुरों की वो अनमोल धरोहर आज खामोश हो गई, जिसकी मधुर आवाज ने हर दौर को अपनी पहचान दी। आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए अत्यंत दुःखद और अपूरणीय क्षति है।

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि आज स्वर की एक अमर धरोहर हमसे विदा हो गई। उनकी मधुर आवाज केवल संगीत नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की भावनाओं की अभिव्यक्ति थी। पीढ़ियां बदलती रहीं लेकिन उनका सुर हर दौर में जीवित रहा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भावुक धुनों से लेकर जोशीले क्लासिक गीतों तक, उन्होंने अपने गायन से हर गीत में जान डाल दी। भारतीय संगीत में उनका योगदान हमारे दिलों में हमेशा बसा रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव