जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को बाहर के खाने के साथ मिलेगा अल्कलाइन वॉटर
जोधपुर, 09 जून (हि.स.)। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को अब खाने के साथ अल्कलाइन पानी भी मिलेगा। इसके साथ ही जेल प्रशासन को अलग से बेड और बिस्तर भी देने होंगे। राजस्थान उच्च न्यायालय ने आसाराम को जेल में उपलब्ध कराई जा रही विशेष चिकित्सा एवं सहायक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद से जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में पहले मिलने वाली सुविधाओं को बंद कर दिया था। इसको लेकर आसाराम की ओर से उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई गई थी। आदेश में कहा गया है कि किसी कैदी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जातीं, क्योंकि उसके खिलाफ अपील का निस्तारण हो चुका है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त आसाराम को पूर्व में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय से प्रदान की गई सुविधाएं आगे भी जारी रखी जाएं, ताकि उसकी चिकित्सा जरूरतों और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
जस्टिस संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने आसाराम की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी स्रोत से भोजन प्राप्त करने की पूर्व व्यवस्था यथावत रहेगी। हालांकि, दिन में एक बार भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अब उसके साथ अल्कलाइन पानी उपलब्ध कराने की अनुमति भी दी गई है। यह सुविधा पूर्व आदेशों की शर्तों के अधीन ही लागू रहेगी। दो सहायकों की व्यवस्था को भी जारी रखने के आदेश दिए गए हैं, हालांकि अपनी पसंद के व्यक्तियों को सहायक बनाने की मांग कोर्ट ने अस्वीकार कर दी।
प्राइवेट डॉक्टर 15 दिन में एक बार करेंगे मुलाकात
निजी एम्बुलेंस की स्थायी अनुमति देने से कोर्ट ने इनकार किया, लेकिन किसी मेडिकल इमरजेंसी में उपयुक्त एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्राइवेट डॉ. सचित भोला को प्रत्येक पंद्रह दिन में एक बार जेल में मुलाकात की अनुमति दी गई है। आसाराम के वकील आरएस सलूजा और वकील यशपाल सिंह राजपुरोहित ने कहा कि आसाराम की अपील के निर्णय के बाद जेल प्रशासन ने पूर्व में उपलब्ध कुछ सुविधाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कोर्ट के सामने पेश किए गए मेडिकल रिकॉर्ड में बताया गया कि वह गंभीर हृदय रोग, मधुमेह, किडनी संबंधी समस्याओं, ऑस्टियोपोरोसिस, मांसपेशियों की कमजोरी और अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित है।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश