125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, जामताड़ा गैंग का मास्टरमाइंड चांद समेत चार गिरफ्तार

 


सूरत, 11 अगस्त (हि.स.)। गुजरात के सूरत साइबर क्राइम सेल ने देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने 5,613 से अधिक लोगों के मोबाइल फोन हैक कर ₹125.39 करोड़ से अधिक की ठगी की है।

गिरफ्तार आरोपितों में जहुरुल अंसारी उर्फ चांद को जामताड़ा से संचालित होने वाली साइबर ठगी की गैंग का मास्टरमाइंड बताया गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने झारखंड के जामताड़ा और देवघर से लेकर बिहार के पटना तक करीब 2,456 किलोमीटर की दूरी तय की।

सूरत के एडिशनल सीपी, क्राइम ब्रांच करणराज वाघेला ने बताया कि जहुरुल अंसारी उर्फ चांद ने अब तक 1,248 APK फाइलें डेवलप की हैं। इन फाइलों को देशभर में सक्रिय साइबर ठग गिरोहों तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब 8 हजार रुपये में एपीके फाइल हासिल कर उसे अलग-अलग साइबर गिरोहों को 10 हजार से 70 हजार रुपये तक में बेचते थे। बैंक, आरटीओ चालान, केवाईसी, सरकारी योजनाओं और अस्पतालों के नाम पर करीब 336 फर्जी एपीके फाइलें तैयार कर व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को भेजी जाती थीं।

आरोपी पंजाब नेशनल बैंक की असली एप्लिकेशन जैसी दिखने वाली ‘PNB One.APK’ फाइल लोगों को भेजते थे। फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होते ही आरोपितों को फोन का एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद मोबाइल और बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल कर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर की जाती थी। ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों और कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए आगे पहुंचाई जाती थी।

जांच में सामने आया कि गिरोह की करीब 336 फर्जी एपीके फाइलें 31,174 से अधिक मोबाइल उपकरणों में इंस्टॉल हो चुकी थीं। इनका इस्तेमाल कर हजारों लोगों को निशाना बनाया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देशभर में फैले नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से व्हाट्सऐच, एसएमएस या अनजान लिंक से मिलने वाली एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की है। बैंक, आरटीओ चालान या केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक से भी सावधान रहने को कहा गया है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे