सावन में घर पर बना रही हैं पार्थिव शिवलिंग? आकार से लेकर मिट्टी चुनने तक, भूलकर भी न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान घरों में मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा की जाती है और उन्हें विसर्जित भी करते हैं। मान्यता है कि सावन में पार्थिव शिवलिंग की आराधना करने से भगवान शिव सभी संकट दूर करते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं। आजकल बहुत से लोग शुद्धता और श्रद्धा के चलते घर पर ही शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक करते हैं, लेकिन घर पर शिवलिंग बनाते समय मिट्टी के चुनाव से लेकर उसके आकार तक कई धार्मिक नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि पार्थिव शिवलिंग कैसे बनाएं और किन गलतियों को करने से बचें? जानते हैं आगे...

 

हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान घरों में मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा की जाती है और उन्हें विसर्जित भी करते हैं। मान्यता है कि सावन में पार्थिव शिवलिंग की आराधना करने से भगवान शिव सभी संकट दूर करते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं। आजकल बहुत से लोग शुद्धता और श्रद्धा के चलते घर पर ही शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक करते हैं, लेकिन घर पर शिवलिंग बनाते समय मिट्टी के चुनाव से लेकर उसके आकार तक कई धार्मिक नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि पार्थिव शिवलिंग कैसे बनाएं और किन गलतियों को करने से बचें? जानते हैं आगे...

पार्थिव पूजा के लिए क्यों किया जाता है मिट्टी का उपयोग?

मिट्टी को पंचतत्वों का मुख्य हिस्सा और अत्यंत पवित्र मानते हैं। वहीं पार्थिव शब्द का अर्थ पृथ्वी या मिट्टी से जुड़ा है। मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा करने से इंसान में अहंकार की भावना खत्म होती है और विनम्रता आती है। कहते हैं कि कलयुग में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का महत्व अन्य सभी धातुओं या पत्थरों के शिवलिंग से कहीं अधिक है।

घर पर पार्थिव शिवलिंग कैसे बनाएं?

सबसे पहले साफ मिट्टी को अच्छी तरह छान लें ताकि उसमें कंकड़ या तिनके न रहें। अब इसमें थोड़ा सा गंगाजल और घी मिलाकर इसका एक मुलायम डो तैयार करें।
अब गूंथी हुई मिट्टी के दो हिस्से करें। पहले हिस्से से गोल या अंडाकार पिंडी तैयार करें। दूसरे हिस्से से नीचे की जलहरी बनाएं।

अब वेदी के ठीक बीच में पिंडी को स्थापित करें और ध्यान रखें कि जलहरी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। इसे चिकना करने के लिए हल्के हाथों से पानी या घी का इस्तेमाल करें।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

शिवलिंग बनाने के लिए गंदी जगह, श्मशान या नाले के पास की मिट्टी का इस्तेमाल न करके पवित्र नदी के किनारे, बेलपत्र के पेड़ के नीचे की मिट्टी का यूज करें।
घर में पूजा के लिए बनाए जाने वाले पार्थिव शिवलिंग का साइज बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। 
शिवलिंग में कहीं भी दरार या क्रैक न हो। खंडित या दरार वाले शिवलिंग की पूजा वर्जित मानी जाती है।