अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पर इंडिया गेट पर प्रदर्शन, 30 से अधिक लोग हिरासत में
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (हि.स.)। अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच मांग को लेकर रविवार को इंडिया गेट पर प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहे 30 से अधिक प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस उन्हें जाफरपुर कलां थाने ले गई।
प्रदर्शन का आह्वान उत्तराखंड के सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी ने किया था। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग सुबह पटियाला हाउस के पास एकत्र हुए और बाद में इंडिया गेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता को न्याय दिलाने, मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच कराने और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग वाले पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों के राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च शुरू करने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में वे सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में मोहित डिमरी, इंद्रेश मैखुरी, ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, त्रिलोचन भट्ट, बृजमोहन उप्रेती, शशि मोहन कोटनाला, दीपक भाकुनी, आरके भट्ट, हुकुम कंडारी, दिव्या दीपा चतुर्वेदी, नंदन सिंह रावत, रवि चतुर्वेदी, जगदीश चन्द्र, लक्ष्मी नेगी, दिनेश रिखाड़ी, प्रभाकर पोखरियाल, लक्ष्मण सिंह रावत और हरिपाल रावत शामिल हैं।
मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर गंभीर सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। उन्होंने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। डिमरी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक पद की आड़ में जांच से बचने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।
इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि दुष्यंत गौतम को इस्तीफा देकर जांच का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल ने भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष व्यापक करने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर