(अपडेट)2029 तक नशामुक्त होगा मध्य प्रदेश : अमित शाह

 




भोपाल, 03 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल से मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक नीति को लेकर दो बड़े संदेश दिए। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश में नशे के लिए जगह नहीं होगी और राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए विस्तृत योजना पर काम किया जा रहा है। साथ ही नए आपराधिक कानूनों को न्याय-केंद्रित बताते हुए उन्होंने कहा कि इनका मूल मंत्र ‘न्याय है, दंड नहीं’। नई व्यवस्था में एफआईआर दर्ज होने से लेकर उच्चतम

न्यायालय तक न्याय दिलाने का लक्ष्य तीन वर्ष का है।

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में गोपालक सम्मेलन और पुलिस की प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान शाह ने कहा कि वह मध्य प्रदेश की माताओं को यह भरोसा दिलाने आए हैं कि 31 दिसंबर 2029 के बाद उनके बेटे-बेटियों के लिए राज्य में नशे की जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य के लिए बारीकी से योजना तैयार की जा रही है। वे नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को लगातार आंतरिक सुरक्षा से जोड़ते रहे हैं। अगस्त 2026 में भी उन्होंने राज्यों से नशे के खिलाफ अभियान तेज करने और सुरक्षित तथा नशामुक्त भारत के लक्ष्य पर जोर दिया था।

‘न्याय है, दंड नहीं’ से बदलेगी आपराधिक न्याय व्यवस्था

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि अंग्रेजों के समय बनाए गए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य तत्कालीन शासन और प्रशासन की रक्षा करना था। उनके अनुसार, नए कानूनों का केंद्र भारतीय नागरिक का सम्मान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में न्याय की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर जोर है। केंद्र सरकार ने भी नए आपराधिक कानूनों के बारे में स्पष्ट किया है कि इनमें देरी के स्थान पर त्वरित न्याय, पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा और तकनीक के इस्तेमाल को महत्व दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई 2024 से लागू हुए हैं। सरकार के अनुसार, इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद आपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका की कई प्रक्रियाओं को समयसीमा से जोड़ा गया है।

35 हजार गोपालकों के बीच ‘श्वेत क्रांति’ का संदेश

शाह ने 11 जिलों से आए करीब 35 हजार गोपालकों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। इस दौरान गोशालाओं के लिए करीब 101 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की घोषणा हुई। राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में सिंगल क्लिक से उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन, भोपाल में डेयरी प्रोडक्ट प्लांट, अत्याधुनिक प्रयोगशाला और शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से भोपाल व इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को बोनस, गौशालाओं को ₹101 करोड़ की सहायता राशि और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को ₹15.10 करोड़ लाभांश का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सहकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सम्मेलन में लखपति गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी दिए।

शाह ने मध्य प्रदेश में पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने भोपाल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय प्रयोगशाला बनने तथा शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट की योजना का उल्लेख किया। उनके अनुसार सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक के माध्यम से मादा बछड़ों की संख्या बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को आगे ले जाने पर काम किया जाएगा।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्र की उपलब्धियों का आंकड़ों के साथ उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में दूध उत्पादन को पिछले दशक में बढ़ाने का काम हुआ है। उनके अनुसार प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी 2014-15 के 307 ग्राम से बढ़कर 485 ग्राम हुई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। भोपाल में शाह के कार्यक्रम ने एक साथ तीन प्रमुख मुद्दों को सामने रखा-2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य, नए आपराधिक कानूनों के जरिए समयबद्ध न्याय की दिशा और दुग्ध उत्पादन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने की राज्य की योजना।

50 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘श्वेत क्रांति-2’ का शंखनाद किया जा रहा है। राज्य में वर्तमान दूध संग्रहण को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 80 लाख पशुपालकों का परिवार है और पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने के प्रमुख माध्यमों में शामिल किया जा रहा है।

हर ब्लॉक में श्रेष्ठ पशुपालकों की प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों में चयनित ‘वृंदावन गांवों’ में उन्नत पशुपालकों की पशु प्रतियोगिता कराई जाएगी। प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय के लिए 50 हजार और तृतीय के लिए 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। पशुओं के उपचार के लिए चलित अस्पतालों की व्यवस्था और गोशालाओं में अपाहिज गायों के संरक्षण की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। गोमाता के लिए अनुदान बढ़ाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

दो घंटे की बैठक में आंतरिक सुरक्षा पर मंथन

भोपाल प्रवास के दौरान शाह केंद्र और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक भी करेंगे। इसमें राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा वह भौंरी में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी