अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की मंगल आरती में शामिल हुए अमित शाह, परिवार सहित किए दर्शन

 


अहमदाबाद, 16 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को आषाढ़ी बीज के अवसर पर आयोजित भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा से पहले अहमदाबाद स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में परिवार सहित मंगल आरती में भाग लिया और श्रद्धापूर्वक भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा तथा भाई बलभद्र के दर्शन-पूजन किए। इस अवसर पर गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।

देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था है। परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष आषाढ़ी बीज के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।

रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व अमित शाह ने परिवार सहित मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

इस पावन अवसर पर जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी, संत-महंतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा न केवल शहर बल्कि पूरे गुजरात की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।

आषाढ़ी बीज क्या होता है?

आषाढ़ी बीज मुख्य रूप से गुजरात राज्य के कच्छ क्षेत्र का नव वर्ष होता है। यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। यह त्योहार मानसून (वर्षा ऋतु) के आगमन और किसानों की बुवाई का प्रतीक है, जहाँ अच्छी बारिश और फसल के लिए प्रार्थना की जाती है।

यह दिन कच्छी समुदाय के लिए नए साल (कच्छी नवारू) की शुरुआत माना जाता है। किसान इस दिन नमी या हवा की दिशा को देखकर यह अनुमान लगाते हैं कि आने वाले महीनों में बारिश कैसी होगी। इसका सांस्कृतिक महत्व भी होता है। इस दिन लोग पारंपरिक भोजन बनाते हैं। नृत्य करते हैं और अपने परिवार व प्रियजनों को नए साल की बधाई देते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे