एल्सटॉम-रेलवे संयुक्त उपक्रम को डब्लूएजी-12बी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव का पांच साल का अनुबंध

 

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। एल्सटॉम और भारतीय रेलवे के संयुक्त उपक्रम माधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (एमईएलपीएल) को डब्लूएजी-12बी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए पांच साल का रखरखाव अनुबंध मिला है। इस अनुबंध के तहत भारतीय रेलवे के साबरमती लोकोमोटिव डिपो में 300 डब्लूएजी-12बी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का रखरखाव किया जाएगा।

करीब 62 मिलियन यूरो के इस अनुबंध में फरवरी 2031 तक निर्धारित और गैर-निर्धारित सभी रखरखाव गतिविधियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य लोकोमोटिव की अधिकतम उपलब्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। अनुबंध के अंतर्गत मटेरियल सप्लाई, लोकोमोटिव वॉशिंग, लॉजिस्टिक्स और रिमोट डायग्नोस्टिक जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी।

एल्सटॉम की फ्लेक्सकेयर परफॉर्म पेशकश के तहत महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रॉम्प्ट रिस्पॉन्स टीमें तैनात की जाएंगी, जिनके पास विशेषज्ञ उपकरण और आवश्यक स्पेयर होंगे, ताकि डाउनटाइम को कम किया जा सके। इसके साथ ही संयुक्त उपक्रम द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम भी जारी रहेगा, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

प्राइमा टी8 डब्लूएजी-12बी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव 12 हजार हॉर्सपावर क्षमता के हैं और लगभग 6 हजार टन भार खींचने में सक्षम हैं। ये लोकोमोटिव माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ डीजल इंजन के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन घटाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

एल्सटॉम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवियर लॉयसन ने कहा कि भारतीय रेलवे का भरोसा मिलना गर्व की बात है और यह साझेदारी देश की ग्रीन और डिजिटल रेल परिवहन क्रांति को मजबूती देगी।

उल्लेखनीय है कि एल्सटॉम स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी कंपनी है। यह हाई-स्पीड ट्रेन, मेट्रो, ट्राम, सिग्नलिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराती है। एल्सटॉम की उपस्थिति 60 से अधिक देशों में है और इसके साथ 86 हजार से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हैं। भारत में एल्सटॉम के छह औद्योगिक संयंत्र और चार प्रमुख इंजीनियरिंग केंद्र हैं। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप एल्सटॉम भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने और कम कार्बन परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार