पश्चिम एशिया संकट को लेकर सर्वदलीय बैठक, सरकार ने विपक्ष की शंकाओं को किया दूर

 


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया संकट को लेकर बुधवार को संसद भवन में हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष की सभी शंकाओं को दूर कर उनके सभी सवालों का जवाब दिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का भारत पर प्रभाव और उससे निपटने के लिए सरकार के कदम के बारे में सभी दलों को अवगत कराया गया। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को छोड़कर सभी दलों के सदन के नेताओं ने भाग लिया।

सर्वदलीय बैठक के बाद केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों को जानकारी दी कि सरकार ने विपक्ष के सभी सवालों और भ्रमों को स्पष्ट रूप से दूर कर दिया है।

उन्होंने बताया कि सभी दलों से इस कठिन परिस्थितियों में सभी को एकजुट होकर काम करने बात कही, जिसे सभी दलों ने स्वीकारा।

रिजिजू ने कहा कि गैस और पेट्रोलियम आपूर्ति, खासकर हर्मूज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे विपक्ष संतुष्ट नजर आया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं, जिससे आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने कई सवाल उठाए, जिनका सरकार ने विस्तार से जवाब दिया।

सभी दलों ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें वे एकजुट होकर समर्थन देंगे।

बैठक में तृणमूल कांग्रेस की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल पर किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने बैठक में हिस्सा लिया, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसमें शामिल नहीं हुई।

तृणमूल कांग्रेस को दो बार आमंत्रित किया गया, लेकिन पार्टी ने यात्रा का हवाला देते हुए शामिल होने से इनकार कर दिया।

सर्वदलीय बैठक के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने देश में गैस सिलेंडरों को लेकर बन रही स्थिति पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि लोगों के बीच कतारें, भ्रम और घबराहट का माहौल है। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि देश में 60 प्रतिशत एलपीजी का उत्पादन घरेलू स्तर पर हो रहा है और गैस की कोई कमी नहीं होगी।

संजय सिंह ने बताया कि बैठक में युद्ध में भारत की भूमिका, प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा और पाकिस्तान की मध्यस्थता जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए, जिन पर सरकार ने अपना पक्ष रखा।

समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दे उठाए, जिनमें देश की प्रतिष्ठा और एलपीजी की संभावित कमी जैसे सवाल शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी