राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक को एम्स ले जाया गया
-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जांच के बाद रिपोर्ट 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी
जोधपुर, 31 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के जोधपुर की सेंट्रल जेल में चार माह से अधिक समय से बंद लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के साथ एम्स ले जाया गया। यहां उनकी स्वास्थ्य जांच की गई है। एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने वांगचुक का परीक्षण किया गया है। इसकी रिपोर्ट सोमवार को उच्चतम न्यायालय में पेश की जाएगी।
हाल ही सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में उनके वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा था कि जेल के पानी से उन्हें पेट की गंभीर समस्या हो रही है। कोर्ट ने उनकी जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। सोनम की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सोशल मीडिया पर अगली सुनवाई दो फरवरी को होने की जानकारी साझा की थी। वांगचुक की लोकप्रियता और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एम्स परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। आम मरीजों को असुविधा न हो और सुरक्षा में चूक न रहे, इसके लिए उन्हें सुबह जल्दी अस्पताल लाया गया। जेल प्रशासन अब उनकी मेडिकल रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगा, जिसके आधार पर कोर्ट उनके इलाज या जेल की सुविधाओं पर आगे का फैसला सुना सकता है।
इससे पूर्व उच्चतम न्यायालय में राजस्थान सरकार की ओर से पेश वकील ने दावा किया था कि पिछले 4 महीनों में जेल के डॉक्टर ने उनकी 21 बार जांच की है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की पीठ न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पीबी वराले ने कहा कि सामान्य जांच काफी नहीं है, और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत है। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वांगचुक की जांच किसी सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से कराई जाए। पूरी मेडिकल रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में 2 फरवरी तक अदालत में पेश की जाए।
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक को धरने प्रदर्शन के दौरान लद्दाख में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्हें गत वर्ष 26 सितम्बर को जोधपुर जेल लाया गया। वांगचुक को एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। सोनम की पत्नी लगातार उन पर लगाए आरोपों का खंडन करती रही हैं। उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई के बाद अभी याचिका लंबित है, जिस पर अब दो फरवरी को सुनवाई होनी है। वांगचुक को जोधपुर जेल में चार माह से अधिक का समय हो चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सतीश