एम्स भुवनेश्वर में लिवर प्रत्यारोपण यूनिट और रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत

 


नई दिल्ली, 23 फ़रवरी (हि.स.)। भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को लिवर प्रत्यारोपण यूनिट और रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की शुरुआत हुई। इस नई सुविधा में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक इंटेंसिव केयर यूनिट और लिवर ट्रांसप्लांट स्पेशलिटी क्लिनिक शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने इन सुविधाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद अपराजिता सारंगी और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य शलिला श्रीवास्तव भी मौजूद रहीं।

इस मौके पर जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स भुवनेश्वर के लिए आज गर्व का क्षण है, जो तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा अनुसंधान में उत्कृष्टता हासिल कर रहा है। यह कदम ओड़िशा और पूर्वी भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने और मरीजों को उच्च तकनीक और जीवनरक्षक इलाज सुलभ कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि नई लिवर ट्रांसप्लांट सुविधा से ओड़िशा और पूर्वी भारत के मरीजों, विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम और पड़ोसी राज्यों के लोगों को उच्च स्तरीय जीवनरक्षक इलाज अब घर के नजदीक ही उपलब्ध होगा। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह सुविधा मुफ्त या कम लागत पर उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा करने की तकलीफ नहीं उठानी पड़ेगी।

नड्डा ने बताया कि एम्स भुवनेश्वर अब ओड़िशा का पहला सरकारी संस्थान बन गया है, जहां पूर्ण रोबोटिक सर्जरी प्रोग्राम लागू किया गया है। नई तकनीक से यूरोलॉजी, स्त्री रोग विभाग, बच्चों की सर्जरी और अन्य विशेषज्ञताओं में सर्जिकल सटीकता बढ़ेगी, खून की कमी कम होगी, अस्पताल में रहने का समय घटेगा और मरीज जल्दी स्वस्थ होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी द्वारा अंगदान को बढ़ावा देने के आह्वान के तुरंत बाद किया गया, जो अंगदान को जन आंदोलन बनाने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने इस पहल को “जीवन संजीवनी” के रूप में बताया, जो कई मरीजों के जीवन को बचाने में मदद करेगी।

सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि एम्स भुवनेश्वर अन्य एम्स संस्थानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है, और नई सुविधाओं से तकनीक-संचालित और मरीज-केंद्रित सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह जीवनरक्षक ट्रांसप्लांट सेवा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कोई वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

इस अवसर पर एम्स भुवनेश्वर के डॉ. अनीता सक्सेना, डॉ. अशुतोष बिस्वास, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि ऑनलाइन और ऑन-साइट मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी