एम्स में देश में निर्मित पहली एंडोस्कोपी प्रणाली स्थापित

 


नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भारत में निर्मित पहली अत्याधुनिक एंडोस्कोपी प्रणाली स्थापित की गई है। उन्नत इमेजिंग सुविधाओं से लैस इस प्रणाली के जरिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में मरीजों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत फुजीफिल्म इंडिया ने राजस्थान के जोधपुर में एंडोस्कोप निर्माण सुविधा स्थापित की है। कंपनी ने जरूरतमंद मरीजों की सेवा और सद्भावना के तौर पर एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग को ईपी-6000 एंडोस्कोप सिस्टम दान किया है।

मंगलवार को एम्स में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रोफेसर निखिल टंडन ने भारत में एंडोस्कोप के निर्माण की सुविधा स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एम्स अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और क्लिनिकल नवाचार को अपनाकर मरीजों की देखभाल को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत में निर्मित इस पहली एंडोस्कोप प्रणाली की स्थापना से संस्थान की बड़ी संख्या में मरीजों को सेवाएं प्रदान करने की क्षमता बढ़ेगी।

एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद गर्ग ने भी नई प्रणाली की स्थापना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक उपकरण विभाग की क्षमताओं को मजबूत करेगा और अधिक संख्या में मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

इस अवसर पर फुजीफिल्म इंडिया के प्रमुख वाडा सैन ने भारत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत में एंडोस्कोप निर्माण की शुरुआत को चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे देश में उन्नत चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता बढ़ने और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं को और मजबूत करने की उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी