एआईसीटीई और शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का किया शुभारंभ
नई दिल्ली, 21 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ ने शुक्रवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2026 के नौवें संस्करण का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रतियोगिता के लिए टीमों का पंजीकरण और नए विचार जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की उपसचिव डॉ. तपस्या राघव, विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधि, शिक्षक, मंत्रालयों एवं विभागों के अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योगों के संपर्क अधिकारी तथा देशभर के विद्यार्थी मौजूद रहे।
प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन विद्यार्थियों की रचनात्मकता को समाज, सरकार और उद्योग की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने वाला राष्ट्रीय अभियान है। इस वर्ष कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 6जी, कृषि, साइबर सुरक्षा, स्वच्छ एवं हरित तकनीक और आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न क्षेत्रों में 226 समस्याएं सामने रखी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इन समस्याओं में 27 से अधिक मंत्रालयों, 12 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं उद्योगों तथा दो राज्य सरकारों का योगदान है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को जमीन पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रो. सिंह ने कहा कि इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों पर साथ मिलकर काम करने और वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार करने का अवसर मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थियों के नए विचारों को टिकाऊ समाधान और स्टार्टअप में बदला जा सकेगा।
उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों और संपर्क अधिकारियों से टीमों का पंजीकरण शुरू करने तथा विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के नए समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने संस्थानों से आंतरिक हैकाथॉन, टीम गठन और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
संस्थान और विद्यार्थी पंजीकरण तथा भागीदारी से जुड़ी जानकारी के लिए अपने संबंधित संपर्क अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। प्रतियोगिता से जुड़ी समस्याएं, विषय और विस्तृत दिशा-निर्देश एसआईएच के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की शुरुआत 2017 में हुई थी और यह अब राष्ट्रीय स्तर के नवाचार मंच के रूप में विकसित हो चुका है। अब तक 9,400 से अधिक संस्थानों के 18 लाख से ज्यादा विद्यार्थी इसमें भाग ले चुके हैं। विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योगों की ओर से अब तक 3,100 से अधिक वास्तविक समस्याएं इस मंच पर रखी जा चुकी हैं।
हैकाथॉन के जरिए तैयार किए गए समाधानों का इस्तेमाल अंतरिक्ष अनुसंधान, जल गुणवत्ता की निगरानी, कृषि, सौंदर्य प्रसाधन, शासन और साइबर सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार