आसनसोल गर्ल्स कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय ग्रंथ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

 


आसनसोल, 27 मार्च (हि.स.)। आसनसोल गर्ल्स कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय ग्रंथ विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुयी। आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के संस्कृत विभाग ने आइक्यूएसी के सौजन्य से तथा टीडी कॉलेज रानीगंज के सहयोग से यह सेमिनार आयोजित किया।

इस संगोष्ठी में रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव सोमात्मानंद महाराज, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर चंद्रकांत शुक्ला मौजूद रहे। भारतवर्ष के मूर्धन्य विद्वानों में उनकी गणना की जाती है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रोफेसर चंद्रकांत शुक्ला ने विज्ञान विषय प्रवर्तन पर अपना वक्तव्य रखें। हावड़ा हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर दामोदर मिश्र ने जयशंकर प्रसाद की कामायनी पर भारतीय ज्ञान परंपरा के प्राचीन ग्रंथो का प्रभाव इस विषय पर वक्तव्य रखा।

दूसरी तरफ, कलकत्ता विश्वविद्यालय से आगत प्रोफेसर सत्यजीत लायक जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में भारतीय दर्शन पर अपना वक्तव्य रखा। आसनसोल गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर स्वाति चक्रवर्ती ने भारतीय ज्ञान परंपरा के द्वारा पर्यावरण के संरक्षण पर मार्गदर्शन किया। आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ वीरू रजक ने उपस्थित विद्वानों के सानिध्य में शोध करने वाले छात्र और कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सचेतन होने के लिए कहा।

रानीगंज टीडीबी कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजीव पांडेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान के विषय पर अपने वक्तव्य पेश किया। देवघर से आये डॉक्टर शशि भूषण मिश्रा ने आयुर्वेद वैमानिकी की एविएशन विषय पर अपने वक्तव्य रखा। डॉक्टर ओमकार पाठक ने भागवत गीता में भारतीय ज्ञान परंपरा के विषय पर अपने वक्तव्य रखें। प्रोफेसर सी विजय कुमार झा (कमर्शियल टैक्स कमिश्नर) ने मैथिली भाषा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में करीब 100 अध्यापक और शोधकर्ता अपने पत्र प्रस्तुत किया। आसनसोल गर्ल्स कॉलेज की करीब 80 छात्राओं ने शोध संगोष्ठी का लाभ उठाया।

इस अवसर पर आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के 75 वर्ष पूर्ति के मौके पर स्मारक प्रबंध संग्रह पुस्तक का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों से आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, सिक्किम, असम, झारखंड और बिहार से प्रतिभागियों ने भाग लिया। सेमिनार का आयोजन तथा मंच का संचालन डॉक्टर विनय कुमार मिश्रा ने किया।

उन्होंने कहा कि ऐसी संगोष्ठी प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल पर आसनसोल गर्ल्स कॉलेज आयोजित करती रही है और आगामी वर्षों में भी आयोजित की जाएगी। इस संगोष्ठी से शिक्षक शिक्षिकाओं छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन के बेहतर अवसर मिलते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा