अभाविप ने की उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रा की हत्या की एनआईए जांच की मांग

 


नई दिल्ली, 12 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने उज़्बेकिस्तान के बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट में भारतीय छात्रा सावरिया बसंत की निर्मम हत्या पर शोक एवं गहन चिंता व्यक्त करते हुए इस पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की। दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है। छात्रा सावरिया बसंत की हत्या तीन जुलाई को हुई थी।

परिषद ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के अनुसार छात्रा पर धर्मांतरण का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। यह घटनाक्रम केवल एक सामान्य आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रथम दृष्टया लव जिहाद के नाम पर संचालित संगठित षड्यंत्र, कट्टरपंथी मानसिकता एवं योजनाबद्ध आपराधिक नेटवर्क की आशंका को भी बल देता है।

भुवनेश्वर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में संगठित आपराधिक एवं जिहादी मानसिकता से महिलाओं के शोषण तथा मतांतरण पर लगे लगाम विषयक प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया गया था कि देश में लव जिहाद, छल, फर्जी पहचान, मानसिक दबाव, साइबर ब्लैकमेलिंग तथा संगठित नेटवर्कों के माध्यम से महिलाओं एवं युवतियों को लक्ष्य बनाकर किए जा रहे शोषण एवं अवैध मतांतरण के प्रयास गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं।

विदेश मंत्रालय भारतीय दूतावास एवं संबंधित देश के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर दोषी को शीघ्र कानून के दायरे में लाने तथा कठोरतम दंड सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कूटनीतिक एवं विधिक प्रयास करे। साथ ही विदेशों में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एवं सहायता तंत्र विकसित किया जाए। राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुरूप लव जिहाद, महिलाओं के शोषण, छलपूर्वक मतांतरण, साइबर ब्लैकमेलिंग एवं ऐसे संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर राष्ट्रीय कानून, जांच व्यवस्था, फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया, शैक्षिक परिसरों में जागरूकता अभियान तथा छात्राओं के सशक्तीकरण हेतु 'मिशन साहसी' जैसे कार्यक्रम समय की आवश्यकता है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि उज़्बेकिस्तान में भारतीय छात्रा सावरिया बसंत की निर्मम हत्या अत्यंत दुःखद एवं गंभीर विषय है। यदि किसी छात्रा पर धार्मिक मतांतरण का दबाव बनाकर उसके विरोध के कारण उसकी हत्या की गई है, तो इसकी जांच केवल एक व्यक्तिगत अपराध के रूप में सीमित नहीं रहनी चाहिए। इस पूरे प्रकरण के पीछे यदि लव जिहाद से जुड़ा कोई संगठित नेटवर्क अथवा कट्टरपंथी तंत्र कार्यरत है, तो उसका पूर्णतः पर्दाफाश होना चाहिए। अभाविप इस मामले की एनआईए जांच, दोषियों को कठोरतम दंड, विदेशों में अध्ययनरत भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी राष्ट्रीय व्यवस्था तथा महिलाओं को लक्ष्य बनाकर संचालित लव जिहाद एवं छलपूर्वक मतांतरण के विरुद्ध कठोर राष्ट्रीय कानून और सशक्त वैधानिक तंत्र की पुनः मांग करती है। महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है तथा ऐसे संगठित अपराधों के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जा सकती।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव