सोशल मीडिया पर आरक्षण समाप्त करने की मांग संविधान की भावना के विरुद्ध, ऐसे तत्वों के खिलाफ़ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई : रामदास आठवले

 




नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे “आरक्षण हटाओ” अभियान पर मैं कड़ी आपत्ति जताता हूं और इस प्रकार की पोस्ट और अभियान भारतीय संविधान की मूल भावना तथा सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध हैंl

पत्रकार वार्ता में गुरुवार को रामदास आठवले ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग संगठित रूप से आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। यह न केवल संविधान प्रदत्त अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास है बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करने वाली प्रवृत्ति है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रामदास आठवले ने कहा कि बाबासाहेब ‘भारतरत्न’ डॉ. भीमराव आंबेडकर जी द्वारा निर्मित संविधान ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरक्षण का अधिकार प्रदान किया। इसके पश्चात तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया, जिससे सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्राप्त हुए।

रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर सामाजिक न्याय के दायरे को और व्यापक बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में लिया यह निर्णय समाज के आर्थिक रूप से वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है।रामदास आठवले ने कहा कि वे इस विषय पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ऐसे सोशल मीडिया खातों और प्लेटफॉर्म पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे, जो आरक्षण विरोधी अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।रामदास आठवले जी ने देशवासियों से अपील की कि वे संविधान, सामाजिक समरसता और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों का सम्मान करें तथा समाज में विभाजनकारी और भ्रामक अभियानों से दूर रहें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी