कांगो में इबोला संकट गहराया, डब्ल्यूएचओ ने की युद्धविराम की अपील
जिनेवा/डकार, 27 मई (हि.स.)। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी हिस्से में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर चिंता जताते हुए क्षेत्र में क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम की अपील की है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हिंसा तथा बड़े पैमाने पर हो रहा विस्थापन संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों को कमजोर कर रहा है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि पूर्वी कांगो इस समय बीमारी और संघर्ष के दोहरे संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इटुरी प्रांत में इबोला संक्रमण की रफ्तार नियंत्रण प्रयासों से आगे निकलती दिखाई दे रही है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के इबोला संक्रमण के लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है। इसी महीने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया गया था और संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक पूर्वी कांगो के विभिन्न प्रांतों में अब तक 900 से अधिक संदिग्ध मामले और 200 से अधिक संभावित मौतें सामने आ चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में उत्तर किवू और दक्षिण किवू भी शामिल हैं, जहां लंबे समय से संघर्ष और अस्थिरता बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि कांगो के पूर्वी क्षेत्र में खनिज संपदा पर नियंत्रण को लेकर सेना और एम23 सहित कई विद्रोही गुटों के बीच संघर्ष जारी है।
--------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय