नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़-भूस्खलन हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सीमा पार आपदा: वांग यी
बीजिंग, 29 अगस्त (हि.स.)। नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच हुई सबसे गंभीर सीमा पार आपदा बताया है। उन्होंने राहत और बचाव अभियान की जटिलता तथा आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर पुनर्वास कार्यों की चुनौती पर भी चिंता जताई।
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने शनिवार को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भीषण मलबा प्रवाह और भूस्खलन से हुई तबाही पर चर्चा की। वांग यी ने कहा कि राहत और आपातकालीन अभियान बेहद कठिन परिस्थितियों में चल रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने के लिए व्यापक प्रयासों की जरूरत होगी।
इस आपदा में 600 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई इलाकों में बिजली परियोजनाओं और निर्माण स्थलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कुछ स्थानों पर सुरंगों और परियोजना स्थलों में कर्मचारी फंसे होने की भी सूचना है।
दोनों देशों ने आपदा के बाद पुनर्निर्माण, भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय