ईरान के पांच प्रांतों में अमेरिका का हमला, तेहरान-मशहद रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त, 14 की मौत, 78 घायल

 


तेहरान, 09 जुलाई (हि.स.)। बुधवार से शुरू हुए अमेरिका के हमलों में पांच प्रांतों में 14 लोगों की मौत हो गई है और 78 लोग घायल हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बसे ईरान के तटीय शहरों बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास और सिरिक में गुरुवार को जोरदार धमाके हुए हैं। अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरानी शहरों पर बमबारी की।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसने जवाबी हमलों में बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान के कथित हमलों के बदले में किए गए। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ फोन पर बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की है।

उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें भरोसे को कमजोर करती हैं। कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत तय की गई शर्तों को लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने तनाव को कम करने और एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के सभी प्रयासों के लिए कतर के समर्थन को भी दोहराया।

बहरीन का कहना है कि उसने ईरान के कई हमलों को नाकाम कर दिया। बहरीन की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने तड़के ईरान के कई खतरनाक हवाई हमलों का सामना किया। बहरीन का यह बयान ईरान की सेना के खाड़ी क्षेत्र में बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले करने का दावा करने के बाद आया है।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमानपुर ने कहा कि अमेरिकी हमलों में घायल हुए 78 लोगों में से लगभग 47 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि तेहरान-मशहद रेलवे लाइन के एक हिस्से पर अमेरिकी हमले के बाद इस रूट पर यात्री ट्रेन सेवा रोक दी गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान रेलवे ने घोषणा की कि तकनीकी और ऑपरेशनल टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया है। यात्रियों को सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं।

अमेरिकी सेना ने कहा कि आज सुबह उसने ईरान के अंदर 90 ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी हमलों में पुलों, रेल लाइन और हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। ईरान की संसद के स्पीकर गालिबाफ का कहना है कि तेहरान जवाबी हमला करेगा। उधर, अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर 16 जून को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तेहरान के खिलाफ अमेरिकी-इजराइली युद्ध पर नाटो महासचिव मार्क रुटे की टिप्पणियों की निंदा की है। उन्होंने यूरोपीय देशों पर इस संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होने का आरोप लगाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद