पश्चिम एशिया में बढ़ा रहा सैन्य जमावड़ा, ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में अमेरिका
वॉशिंगटन, 20 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र में अतिरिक्त एफ-16 और एफ-35 लड़ाकू विमान भेज रहा है, जबकि हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सैन्य कार्रवाई के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यूरोप स्थित सैन्य ठिकानों से अतिरिक्त लड़ाकू विमानों को पश्चिम एशिया भेजा जाएगा। पिछले सप्ताह राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्ंप प्रशासन ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना और पिकऐक्स माउंटेन स्थित परमाणु ठिकानों पर हमले जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इन विकल्पों पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इस बीच अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि कूटनीतिक समाधान की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत का रास्ता अब भी खुला है और यदि तेहरान तैयार हो तो दोनों देश फिर से वार्ता की मेज पर लौट सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय