अमेरिकी सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर के ऊपर उड़ते दिखे ड्रोन, मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ की सुरक्षा चिंता बढ़ी

 


वाशिंगटन, 19 मार्च (हि.स.)। अमेरिकी सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। इस बेस परिसर में विदेशमंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं। इस बेस के ऊपर ड्रोन दिखने से सुरक्षा चिंता बढ़ गई है। देश के कई बेस पर लगाए गए लॉकडाउन और दुनिया भर में जारी सुरक्षा अलर्ट इस बात की संभावना को पुख्ता करते हैं कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अमेरिका की धरती पर मौजूद अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि इन ड्रोन की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और यह भी साफ नहीं है कि वह कहां से आए। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान न उजागर करने के आग्रह करते हुए बताया सेना संभावित खतरों पर अब और भी अधिक बारीकी से नजर रख रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की वजह से अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया गया है। इस अधिकारी ने बताया कि पिछले 10 दिनों में एक ही रात में फोर्ट लेस्ली जे. मैकनेयर के ऊपर कई ड्रोन देखे जा चुके हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा के उपाय और भी कड़े कर दिए गए हैं। और व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है। इसमें इस बात पर चर्चा की गई कि इस स्थिति का जवाब कैसे दिया जाए।

ड्रोन दिखने की घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं जब अमेरिका ने विदेशी राजनयिक चौकियों के लिए वैश्विक सुरक्षा चेतावनी जारी की है और खतरों के चलते कई घरेलू हवाई अड्डों को बंद कर दिया है। इस सप्ताह न्यू जर्सी के ज्वाइंट बेस मैकगायर-डिक्स-लेकहर्स्ट और फ्लोरिडा के मैकडिल एयर फोर्स बेस ने अपने सुरक्षा स्तर को चार्ली तक बढ़ा दिया है। यह एक ऐसा पदनाम है जिसका अर्थ है कि कमांडर के पास ऐसी खुफिया जानकारी है जो किसी हमले या संभावित खतरे का संकेत देती है। इससे भी उच्चतर चेतावनी स्तर डेल्टा तब लागू होता है जब कोई हमला हो चुका हो या होने की आशंका हो। रिपोर्ट के अनुसार फोर्ट मैकनैयर के ऊपर ड्रोन देखे जाने के बाद अधिकारियों ने रूबियो और हेगसेथ को स्थानांतरित करने पर विचार किया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि सचिवों ने अपना स्थान नहीं बदला है।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने ड्रोन के बारे में बात करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, विभाग सुरक्षा कारणों से सेक्रेटरी की गतिविधियों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता और ऐसी गतिविधियों पर रिपोर्टिंग करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। विदेश विभाग ने टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि इस हफ्ते दो बार अधिकारियों ने मैकडिल एयर फोर्स बेस की सुविधाओं को बंद कर दिया। यह बेस अमेरिकी मध्य कमान का मुख्यालय है। यह ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियानों के लिए जवाब दिया है।

बेस का विजिटर सेंटर सोमवार को कई घंटों बंद रहा। बुधवार को एक अज्ञात सुरक्षा घटना के कारण बेस को कई घंटों तक 'शेल्टर-इन-प्लेस' (सुरक्षित जगह पर रहने) के आदेश के तहत रखा गया। एयर फ़ोर्स के एक प्रवक्ता ने कहा, ''हम अपने लोगों और मिशन की सुरक्षा एवं हिफाजत पक्की करने के लिए कमांडर स्थानीय खतरे के आकलन के हिसाब से अपनी जगह की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हैं।''

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार विदेश विभाग ने मंगलवार को दुनिया भर में सभी अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को तुरंत सुरक्षा मूल्यांकन करने का आदेश दिया। इसके पीछे उन्होंने मध्य पूर्व में चल रही और बदलती स्थिति और उसके संभावित असर का हवाला दिया।

फोर्ट मैकनेयर में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और पेंटागन के कुछ सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी रहते हैं। इस बेस पर पारंपरिक रूप से राजनीतिक नेता नहीं रहते थे। यहां डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की निवर्तमान सेक्रेटरी क्रिस्टी एल. नोएम भी रहती हैं। मैकनेयर कैपिटल हिल और व्हाइट हाउस के काफी करीब और सुविधाजनक जगह पर स्थित है। लेकिन, राजधानी क्षेत्र के अन्य बेस की तरह यहा सुरक्षा का वैसा घेरा (बफर) मौजूद नहीं है।

ट्रंप और बाइडेन, दोनों प्रशासनों के अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य शीर्ष अधिकारियों के आसपास भी इसी तरह के ड्रोन खतरे सामने आए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ईरानी नेता 2020 में हुए उस अमेरिकी हमले का बदला लेना चाहते थे, जिसमें ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी मारे गए थे।

वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की टीम की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस दस्ते को कई बार अज्ञात ड्रोन का सामना करना पड़ा। इनमें लॉस एंजिल्स में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और पश्चिमी पेंसिल्वेनिया के ग्रामीण इलाकों से गुजरते हुए उनके काफिले के दौरान हुई घटनाएं भी शामिल हैं। उसी साल सितंबर में अधिकारियों ने ट्रंप को बताया कि ईरान उनकी हत्या करना चाहता है और इसके लिए देश के भीतर कई 'किल टीम' (हत्या करने वाले दस्ते) सक्रिय हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद