अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन बरसाए बम, बहरीन और कुवैत में हवाई हमले के सायरन बजे

 


तेहरान/वाशिंगटन/बेरूत, 28 जून (हि.स.)। चंद दिनों की शांति के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कमर्शियल जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर बमबारी की है। अमेरिका ने सिरिक शहर, बंदर-ए-लेंघे और केशम द्वीप को निशाना बनाया है। उधर, बहरीन और कुवैत में हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं। कुवैत की सेना ने कहा है कि दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया जा रहा है। उधर, लेबनान में शांति की उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।

लेबनान सरकार के साथ दुश्मनी खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद ही इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर बमबारी की है। इस बमबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से इजराइल के उल्लंघनों को रोकने में मदद मांगी है। उधर, ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह ने इजराइल के साथ हुए समझौते को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह संप्रभुता का आत्मसमर्पण है।

सीएनएन, अल जजीरा, एबीसी न्यूज और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर और उसके आस-पास कई जगहों पर हमले किए है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया पर हमले का एक धुंधला वीडियो भी शेयर किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने हमलों के अपने ताजा दौर में देश के पांच तटीय इलाकों पर बमबारी की।

आईआरजीसी का कहना है कि दुश्मन की किसी भी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा। आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन को नियंत्रित करने की व्यवस्था तेहरान के पास है। अमेरिका इसका उल्लंघन कर रहा है। और अब से नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों से पहले की तुलना में ज्यादा सख्ती से निपटा जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि ईरान ने ही युद्धविराम का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स के साथ-साथ तटीय रडार सुविधाओं को भी निशाना बनाया। सेंटकॉम का दावा है कि अमेरिकी सेना ने पनामा के झंडे वाले टैंकर पर ईरान के रात भर चले ड्रोन हमलों के जवाब में ये हमले किए। इस टैंकर में 20 लाख बैरल से ज्यादा तेल लदा हुआ था।

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसा समय भी आ सकता है जब अमेरिका मजबूर होकर पूरी ताकत से सैन्य हमला करे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उधर, अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सेना को निशाना बनाया है। ईरान की इरना और तस्नीम समाचार एजेंसियों ने आईआरजीसी का एक बयान जारी किया है। इसमें कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों की पुष्टि की गई है।

आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना और वायुसेना ने कुवैत में अमेरिकी अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन की राजधानी मनामा में पोर्ट सलमान पर मौजूद अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। बयान में कहा गया है कि ये हमले ईरान के पांच तटीय इलाकों पर अमेरिकी बमबारी के जवाब में किए गए। ओमान ने बहरीन पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले की निंदा की है

सनद रहे, फरवरी के आखिर में शुरू यह लड़ाई अब तक नहीं थम सकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की। इसके बाद अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के सैन्य, सरकारी और बुनियादी ढांचों के ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। इससे मध्य पूर्व में संकट बढ़ गया। शांति के तमाम प्रयास हुए। इस कड़ी में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताहांत में स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट पहुंचे और युद्ध खत्म करने वाले समझौते के लिए बातचीत शुरू की। इस बातचीत का आधार दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते हस्ताक्षरित सहमति-पत्र रहा। यह सिलसिला और आगे बढ़ पाता कि लड़ाई फिर शुरू हो गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद