अमेरिकी अप्रवासन हिरासत केंद्र में कैदी की मौत, न्यू जर्सी के नेवार्क में लोगों का प्रदर्शन

 


वाशिंगटन (अमेरिका), 04 अगस्त (हि.स.)। देश के न्यू जर्सी प्रांत के नेवार्क में सोमवार रात लोगों ने अप्रवासन हिरासत केंद्र (डेलाने हॉल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर) के गेट पर प्रदर्शन किया। लोगों ने यहां शनिवार को 41 वर्षीय एडविन लोपेज कोर्नेजो की हिरासत में मौत के विरोध में नारेबाजी करते हुए डेलाने हॉल को फौरन बंद करने की मांग की। कोर्नेजो आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट अर्थात आईसीई) की हिरासत में थे। संघीय गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने पुष्टि की कि एडविन लोपेज कोर्नेजो की अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डीएचएस ने बयान में कहा कि आईसीई की हिरासत के दौरान लोपेज कोर्नेजो की अचानक तबीयत बिगड़ गई। केंद्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने स्तर पर उपचार करते हुए इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए 911 पर कॉल किया। डीएचएस ने कहा कि मौत का आधिकारिक कारणों की घोषणा जांच के बाद की जाएगी। गृह सुरक्षा विभाग ने लोपेज को 2006 में गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया। कुछ दिन बाद वह फिर से गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में घुस आए। आईसीई ने कहा कि उन्हें पिछले महीने 18 जुलाई को न्यू जर्सी के प्लेनफील्ड में गिरफ्तार किया गया था। वह मूल रूप से अल साल्वाडोर के रहने वाले थे।

एडविन लोपेज कोर्नेजो की मां मारिया ने एक बयान में कहा, उसकी एक छोटी बेटी थी। वह एक अच्छा पिता था। मेरे पास अपने बेटे के बारे में कहने के लिए कुछ भी बुरा नहीं है। मैंने उसे आईसीई के हाथों खो दिया है। मुझे नहीं पता कि मैं इस दर्द से कैसे उबरूंगी। अपने बेटे को खोने से मुझे बहुत गहरा दर्द हुआ है। ये लोग मेहनती लोगों को पकड़ते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि इस साल की शुरुआत में डेलाने हॉल के अंदर की कथित अमानवीय स्थितियों को लेकर लोगों ने कई हफ्ते प्रदर्शन किया था।

न्यू जर्सी गवर्नर मिकी शेरिल ने बयान में कहा कि वह घटना से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डेलाने हॉल में जांच के दौरान रुकावट डाली जा रही है। शेरिल ने कहा कि अब डेलाने हॉल को बंद कर दिया जाना चाहिए। उधर, प्रदर्शनकारियों ने भी डेलाने हॉल को तत्काल बंद करने की मांग की है। सनद रहे डेलाने हॉल निजी अप्रवासन हिरासत केंद्र है। इसे मई, 2025 में फिर से खोला गया है। इसका संचालन द जीईओ के हाथों में है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद