संयुक्त राष्ट्र में भारत की खास पहल, जेनेवा पहुंचा पांच मोरों का कुनबा, यूएन ने बनाया ‘फोटो ऑफ द वीक’

 




जेनेवा, 09 अगस्त (हि.स.)। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा को भेंट किए गए पांच भारतीय मोर रविवार को एरियाना पार्क पहुंच गए। संयुक्त राष्ट्र ने मोरों के आगमन की तस्वीरें साझा करते हुए इसे अपना ‘फोटो ऑफ द वीक’ बताया है।

संयुक्त राष्ट्र जेनेवा कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत के पांच मोर एरियाना पार्क पहुंच गए हैं। यह भारत के राष्ट्रीय पक्षी से जुड़ा एक सुंदर प्रतीकात्मक उपहार है और संयुक्त राष्ट्र परिसर में चली आ रही एक सदी पुरानी मोर परंपरा को आगे बढ़ाता है।

भारत ने यूएन को भेंट किए पांच मोर

07 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने एक विशेष समारोह में पांच मोरों को संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा की महानिदेशक तात्याना वलोवाया को सौंपा था। इनमें चार नीले और एक सफेद मोर शामिल हैं।

वलोवाया ने भारत सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि मोरों के लिए फिलहाल एक अस्थायी आवास तैयार किया गया है। शुरुआती करीब तीन महीने वे सुरक्षित और बंद परिसर में रहेंगे और वयस्क होने के बाद एरियाना पार्क में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे।

भारत के स्थायी मिशन ने बताया कि यह भेंट भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच साझेदारी तथा बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

एक सदी पुरानी परंपरा से जुड़ा है मोरों का इतिहास

एरियाना पार्क में मोरों की मौजूदगी एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय जेनेवा का यह परिसर एक सदी से अधिक समय से मोरों का घर रहा है।

भारत इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा को मोर भेंट कर चुका है। वर्ष 1981 में भारत ने वहां एक जोड़ी मोर दिए थे। इस बार पांच नए मोरों के आने से एरियाना पार्क की जैव विविधता में भी वृद्धि होगी।

भारतीय मिशन के अनुसार, भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर सुंदरता, गरिमा और दृढ़ता का प्रतीक है। इस पहल के जरिए भारत ने अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया है।

भारत-यूएन संबंधों का भी प्रतीक

भारत की ओर से मोरों का यह उपहार केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। भारतीय मिशन ने इसे भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, संयुक्त राष्ट्र के साथ दीर्घकालिक साझेदारी और बहुपक्षीय व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक बताया है।

संयुक्त राष्ट्र परिसर में भारत के राष्ट्रीय पक्षी का पहुंचना दोनों संस्थाओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों और पर्यावरण संरक्षण के साझा संदेश को भी रेखांकित करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय