होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा वैश्विक दबाव, यूएई और ईयू ने ईरान से रास्ता खोलने की मांग की

 

अबू धाबी/ब्रसेल्स, 09 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूरोपीय संघ (ईयू) ने ईरान से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बिना किसी शर्त के खोलने की अपील की है।

यूएई की प्रमुख तेल कंपनी अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने स्पष्ट कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य किसी एक देश की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक मार्ग है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस रास्ते का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने भी इस मार्ग पर किसी प्रकार का टोल या शुल्क लगाने का विरोध किया है। ईयू के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून यह सुनिश्चित करता है कि सभी देशों के जहाजों को इस मार्ग से बिना किसी बाधा के गुजरने की स्वतंत्रता मिले।

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज से जहाजों की आवाजाही अब भी लगभग ठप पड़ी है। पिछले 24 घंटों में केवल एक तेल टैंकर और पांच मालवाहक जहाज ही इस मार्ग से गुजर सके, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 140 जहाजों का आवागमन होता था।

इस साल फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद से इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ रहा है। यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा संकट और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय