नेपाली कांग्रेस का विभाजन रोकने के लिए निर्णायक वार्ता शुरू

 




काठमांडू, 13 जनवरी (हि.स.)। नेपाली कांग्रेस में जारी आंतरिक गतिरोध को सुलझाने और पार्टी को विभाजन से रोकने का अंतिम प्रयास जारी है। इसके लिए पार्टी के दोनों गुटों के बीच निर्णायक वार्ता शुरू हुई है।

यह वार्ता कुछ देर पहले पार्टी अध्यक्ष शेरबहादुर देउबा के निवास पर शुरू हुई। पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउवा पक्ष की ओर से कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड्का, रमेश लेखक और बालकृष्ण खांड शामिल हैं। विशेष महाधिवेशन पक्ष से प्रदीप पौडेल, गुरुराज घिमिरे, मधु आचार्य और देवराज चालिसे भाग ले रहे हैं, जबकि शेखर कोइराला गुट का प्रतिनिधित्व जीवन परियार और डॉ. मिनेंद्र रिजाल कर रहे हैं।

इससे पहले आज सुबह ही डॉ. कोइराला ने महासचिव गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा से बातचीत की थी और प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच संवाद का माहौल बनाने के लिए एक समिति गठन का प्रस्ताव रखा।

कांग्रेस के कुल 54 प्रतिशत महाधिवेशन प्रतिनिधियों ने विशेष महाधिवेशन की मांग की थी। हालांकि, अध्यक्ष देउबा के नेतृत्व वाले पक्ष ने इस पहल को दबाने की कोशिश की, लेकिन महासचिव गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा ने विशेष महाधिवेशन बुलाने का फैसला कर लिया। अधिकांश प्रतिनिधि पहले ही इस प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं, जिससे देउवा पक्ष पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

रविवार को विशेष महाधिवेशन का उद्घाटन हुआ और सोमवार को यह बंद सत्र में प्रवेश कर गया, जहां पार्टी की केंद्रीय समिति को भंग करने का प्रस्ताव पेश किया गया। अब जब यह स्पष्ट हो चुका है कि अधिकांश प्रतिनिधि विशेष महाधिवेशन के पक्ष में हैं, तो देउवा गुट को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

देउवा पक्ष के वार्ता में शामिल होने के बाद विशेष महाधिवेशन की समय-सारिणी को दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित किया गया है। पार्टी अध्यक्ष देउवा ने आज केंद्रीय कार्यसमिति की आपात बैठक भी बुलाई है। यह बैठक पहले सुबह 11 बजे सानेपा स्थित पार्टी मुख्यालय में तय थी, लेकिन विशेष महाधिवेशन समर्थक केंद्रीय सदस्यों ने इसमें शामिल न होने का निर्णय किया जिसके बाद बैठक को एक बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास