दक्षिण चीन सागर विवाद: ताइवान ने स्कारबोरो शोल पर दोहराया अपना दावा

 


ताइपे, 02 अगस्त (हि.स.)। दक्षिण चीन सागर को लेकर जारी क्षेत्रीय विवाद के बीच ताइवान ने रविवार को स्कारबोरो शोल सहित संबंधित द्वीपों पर अपने संप्रभुता दावे को एक बार फिर दोहराया। यह बयान उस समय आया है जब फिलीपींस ने हाल ही में स्कारबोरो शोल से संबंधित आधिकारिक समुद्री नक्शा संयुक्त राष्ट्र में जमा कर अपने दावे को दोबारा प्रस्तुत किया है।

ताइवान के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने कहा कि दक्षिण चीन सागर से जुड़े सभी विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री कानून के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने बहुपक्षीय विवाद निपटान प्रक्रियाओं में ताइवान की भागीदारी की भी मांग की।

ताइवान की समाचार एजेंसी सीएनए के अनुसार, फिलीपींस ने संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के प्रावधानों के तहत स्कारबोरो शोल का आधिकारिक नौवहन चार्ट संयुक्त राष्ट्र को सौंपा है। फिलीपींस का कहना है कि यह कदम उसके समुद्री अधिकारों और क्षेत्रीय दावे को स्पष्ट करने के लिए उठाया गया है।

स्कारबोरो शोल पर फिलीपींस, ताइवान और चीन तीनों अपना दावा करते हैं। फिलीपींस इसे बाजो दे मासिनलोक, ताइवान डेमोक्रेसी रीफ और चीन हुआंगयान दाओ के नाम से संबोधित करता है।

इससे पहले, चीन के विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस के कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अवैध और निरर्थक बताया था। चीन ने कहा कि हुआंगयान दाओ उसका अभिन्न क्षेत्र है और उस पर उसकी निर्विवाद संप्रभुता तथा संबंधित समुद्री क्षेत्रों पर अधिकार कायम है।

चीन ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार स्कारबोरो शोल कभी भी फिलीपींस का हिस्सा नहीं रहा है और उसका दावा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। वहीं ताइवान ने दोहराया कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान संवाद और अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय