सूडान में पूर्व सत्तारूढ़ दल के प्रमुख अहमद हारून गिरफ्तार

 


खार्तूम, 08 नवंबर (हि.स.)। सूडान की सेना ने पूर्व राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के शासनकाल के वरिष्ठ इस्लामी नेता और नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष अहमद हारून को हिरासत में ले लिया है। हारून पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) में दारफुर क्षेत्र में युद्ध अपराधों और नरसंहार के आरोप हैं। पार्टी के दो अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

हारून लंबे समय से छिपे हुए थे। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को 2000 के दशक की शुरुआत में पश्चिमी सूडान के दारफुर क्षेत्र में कथित युद्ध अपराधों और नरसंहार के मामले में उनकी तलाश थी। हालांकि, हारून इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज करते रहे हैं।

गिरफ्तारी से एक दिन पहले शनिवार को एक टेलीविजन साक्षात्कार में हारून ने कहा था कि नेशनल कांग्रेस पार्टी और सेना के बीच राजनीतिक रूप से भले ही समानता न हो, लेकिन अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के खिलाफ जारी गृहयुद्ध में दोनों एकजुट हैं। ऐसे में सेना की ओर से उन्हें हिरासत में लिए जाने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।

सूडानी सेना की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने भी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेताओं और इस्लामी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं का दावा है कि तीन साल से अधिक समय से जारी संघर्ष में उन्होंने आरएसएफ के खिलाफ सेना की बढ़त में मदद की है। इस युद्ध ने सूडान को गहरे मानवीय संकट में धकेल दिया है। संघर्ष के दौरान जातीय हत्याओं, अकाल और बड़े पैमाने पर विस्थापन की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें विदेशी शक्तियों की भूमिका भी जुड़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया है।

नेशनल कांग्रेस पार्टी की जड़ें सूडान के इस्लामी आंदोलन में हैं, जिसका 1990 के दशक में उमर अल-बशीर के शासन के शुरुआती दौर में देश की राजनीति पर खासा प्रभाव था। बशीर को 2019 में सत्ता से हटा दिया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय