दक्षिणी इंग्लैंड में जल संकट गहराया, कई इलाकों में भीषण सूखा घोषित
लंदन, 15 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिणी इंग्लैंड के छह काउंटियों के कुछ हिस्सों में भीषण सूखा घोषित किया गया है। ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को यह फैसला लंबे समय से जारी असाधारण शुष्क मौसम और रिकॉर्ड गर्मी के कारण जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए लिया। प्रभावित क्षेत्रों में कॉर्नवाल, डेवोन, डॉर्सेट, समरसेट, ईस्ट ससेक्स और वेस्ट ससेक्स शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी इंग्लैंड में अप्रैल से सितंबर तक की अवधि एक सदी से भी अधिक समय में सबसे शुष्क रही है। वर्ष 2026 में ब्रिटेन ने अब तक की सबसे गर्म गर्मियों का सामना किया, जबकि बारिश की कमी ने सूखे की स्थिति को और गंभीर बना दिया। अक्टूबर में भी सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण जलाशयों और नदियों में पानी का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।
पर्यावरण एजेंसी के प्रमुख फिल डफी ने कहा कि रिकॉर्ड गर्मी और गंभीर सूखे ने जल संसाधनों पर भारी दबाव डाला है। सरकार ने जल कंपनियों को सूखे से निपटने की योजनाओं को मजबूत करने, जलाशयों और नदियों के स्तर की रोजाना निगरानी करने तथा पानी की गुणवत्ता पर अतिरिक्त नजर रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से भी पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने और खपत कम करने की अपील की गई है।
सूखे का असर केवल पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है। किसानों, मछुआरों और अग्निशमन सेवाओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सूखी जमीन और वनस्पति के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरों और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं की तीव्रता बढ़ रही है।
सरकार ने अगस्त से राष्ट्रीय सूखा समूह की नियमित बैठकें शुरू की हैं, जिसमें मौसम विभाग, जल कंपनियों, विशेषज्ञों और किसानों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय