कतर के एलएनजी टैंकर पर हमले की सऊदी अरब और जीसीसी ने की निंदा
रियाद, 01 नवंबर (हि.स.)। खाड़ी क्षेत्र में कतर के एलएनजी टैंकर ‘अल मयदा’ को निशाना बनाए जाने की सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने कड़ी निंदा की है। दोनों ने इस घटना को समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग की है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी बयान में कहा कि उसका देश कतर के साथ खड़ा है और अपने जहाजों तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिए कतर की ओर से उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन करता है।
मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब समुद्री परिवहन की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने वाली किसी भी गतिविधि का विरोध करता है। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और समुद्री मार्गों व व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।
वहीं, जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने भी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘खतरनाक तनावपूर्ण घटनाक्रम’ बताया। उन्होंने कहा कि अरब की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
अल-बुदैवी ने चेतावनी दी कि गैस टैंकरों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है, बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग भी की।
जीसीसी ने कतर के उन कदमों के प्रति समर्थन दोहराया, जिनका उद्देश्य उसके संसाधनों और संपत्तियों की सुरक्षा करना तथा देश की सुरक्षा और हितों के लिए उत्पन्न खतरों का मुकाबला करना है।
‘अल मयदा’ का स्वामित्व और संचालन कतर की गैस परिवहन कंपनी नकिलात के पास है। खाड़ी क्षेत्र में इस जहाज को पहले भी निशाना बनाया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय