कतर बोला- किसी को होर्मुज पर कंट्रोल का अधिकार नहीं, जी7 देशों ने भी आवाजाही बहाल करने पर दिया जोर

 

दोहा, 19 मई (हि.स.)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कतर ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी देश को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग तक पहुंच रोकने का अधिकार नहीं है। कतर के इस बयान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा कि तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) से भरे दो टैंकर हाल ही में इस समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां अभी पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौटी हैं।

दूसरी ओर, वैश्विक आर्थिक समूह जी7 के वित्त मंत्रियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त बयान में कहा गया कि क्षेत्रीय तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला रखना और वहां सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल करना अत्यंत आवश्यक है।

जी7 देशों ने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में व्यवधान वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय