पाकिस्तान पूरी ताकत के साथ सऊदी अरब की रक्षा करेगाः ख्वाजा आसिफ

 


इस्लामाबाद (पाकिस्तान), 27 अक्टूबर (हि.स.)। रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने संकल्प लिया है कि पाकिस्तान पूरी ताकत के साथ सऊदी अरब की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा करना इस्लामाबाद के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि खुद के क्षेत्र की रक्षा करना। आसिफ ने

जियो न्यूज के कार्यक्रम 'आज शहजेब खानजादा के साथ' में यह बात तब कही जब वे पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान और तुर्किये से जुड़े क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों पर चर्चा कर रहे थे। यह चर्चा हूतियों से जुड़े तनाव के बीच हो रही थी।

द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षामंत्री ने कहा, सऊदी अरब की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इससे पहले, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरान, सऊदी अरब और तुर्किये के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की। वहां चारों देश क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए। ख्वाजा आसिफ ने सऊदी अरब पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, हम पूरी ताकत के साथ सऊदी अरब की रक्षा करेंगे।

आसिफ ने कहा कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के संबंध केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं। इस्लामाबाद रियाद को अपना पूरा समर्थन देगा। उन्होंने कहा, जिस तरह पाकिस्तान की रक्षा सर्वोपरि है, उसी तरह हमारे लिए सऊदी अरब की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। रक्षामंत्री ने एक ऐसे समझौते का भी जिक्र किया, जिसके तहत तीन देशों ने किसी भी बाहरी हमले का जवाब देने के लिए सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ईश्वर ने चाहा तो अब जब तीन देश इसमें शामिल हैं और एक समझौता भी है तो हम किसी भी बाहरी हमले के खिलाफ एक-दूसरे के क्षेत्र की रक्षा करेंगे। आसिफ तेहरान में हुई बैठक के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा, अमेरिका के बारे में निश्चित रूप से चर्चा हुई होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के प्रयासों और अन्य देशों की भागीदारी से शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने रियाद हवाई अड्डे को बार-बार निशाना बनाए जाने और हरमैन शरीफैन (मक्का और मदीना के पवित्र स्थलों) पर हमले की कोशिश का भी जिक्र किया और ऐसी हरकतों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि हम किसी ऐसे नतीजे पर पहुंच गए हैं, जो इस युद्ध को रोकने की शर्तों को पूरा कर सकता है। आसिफ ने कहा कि वे नतीजों को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि ईरान और बातचीत में शामिल अन्य देशों के बयानों के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की राजनयिक पहल के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका से जुड़े तनाव के मामले में भी शांतिपूर्ण स्थिति बनाने की दिशा में प्रगति की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद