विकासशील देशों की बैठक में नेपाल की अपील - वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अधिक भागीदारी जरूरी

 


काठमांडू, 26 सितंबर (हि.स.)। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में समयबद्ध सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए वैश्विक आर्थिक शासन में विकासशील देशों की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जी-77 की 50वीं वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए खनाल ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने के लिए एकजुटता और सामूहिक कार्रवाई को नए सिरे से मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने और अधिक न्यायपूर्ण एवं समावेशी वैश्विक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।

खनाल ने संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में कार्रवाई तेज करने के लिए पर्याप्त और किफायती वित्तीय संसाधन, तकनीक हस्तांतरण और क्षमता निर्माण सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने आर्थिक और डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से देशों के बीच बढ़ती असमानताओं को कम करने पर भी जोर दिया।

नेपाल के विदेश मंत्री ने हाल में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभावों का उल्लेख करते हुए जलवायु न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु संकट से प्रभावित विकासशील देशों के लिए अनुदान आधारित जलवायु वित्त उपलब्ध कराने की मांग की। उन्हाेंने साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर-दक्षिण, दक्षिण-दक्षिण और त्रिकोणीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में सुधार के साथ विकासशील देशों की निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास