नेपाल के दो पूर्व उपप्रधानमंत्री नकली शरणार्थी घोटाला मामले में दोषी करार
काठमांडू, 07 जुलाई (हि.स.)।काठमांडू जिला अदालत ने नकली भूटानी शरणार्थी घोटाले में देश के दो उप प्रधानमंत्री टोप बहादुर रायमाझी और बाल कृष्ण खांड को राज्य के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया है। ये दोनों ही नेता उपप्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री भी रहे।
अदालत ने फैसला सुनाया कि आरोपित एक ऐसी योजना में शामिल थे जिसके तहत नेपाली नागरिकों को भूटानी शरणार्थी के रूप में दिखाकर संयुक्त राज्य अमेरिका भेजने का झूठा वादा किया गया था।
पूर्व गृह सचिव टेक नारायण पांडे और सुजाता कोइराला के पूर्व सहयोगी केशब प्रसाद दुलाल को भी राज्य के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया गया है। राज्य के खिलाफ अपराधों और एकीकृत अपराधों में दोषी पाए गए अन्य लोगों में सानू भंडारी, सागर राय, संदेश शर्मा, इंद्रजीत राय, गोविंद कुमार चौधरी और आंगतावा शेरपा शामिल हैं।
अदालत ने केशब प्रसाद दुलाल, सानू भंडारी, सागर राय, संदेश शर्मा, डॉ. इंद्रजीत राय, गोविंद कुमार चौधरी, आंगतावा शेरपा, टेक नारायण पांडे और टोप बहादुर रायमाझी को संगठित अपराध के आरोप में मुख्य अपराधी के रूप में भी दोषी ठहराया है।
अदालत आगामी सुनवाई में दोषियों की सजा की अवधि तय करने वाली है।
नेपाली नागरिकों से करोड़ो रुपये वसूलकर उन्हें फर्जी कागजात के आधार पर भूटानी शरणार्थी बनाते हुए उन्हें अमेरिका में बसाने का धंधा चल रहा था। इस पूरे काम में गृह मंत्री रहे रायमांझी और खांड की देखरेख में सैकड़ों नेपाली नागरिकों को अमेरिका भेजा जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास